भोपाल: ट्यूबवेल के पानी में वही बैक्टीरिया, जिससे इंदौर में लोग मरे, इन तीन इलाकों में जानलेवा हुआ ग्राउंडवाटर

भोपाल, 8 जनवरी 2026
: लोग ट्यूबवेल के पानी को ताज और सबसे शुद्ध मानते हैं लेकिन भोपाल के तीन इलाके ऐसे हैं जहां पर ट्यूबवेल के पानी में वही बैक्टीरिया मिल रहा है, जो भागीरथपुरा इंदौर के पानी में मिला। जिसको पीने से लोगों की मौत हो गई। यह बैक्टीरिया शौचालय के पानी में पाया जाता है। 

आदमपुर छावनी, खानू गांव और बाजपेई नगर के पानी में जानलेवा बैक्टीरिया

इंदौर कांड के बाद से ही भोपाल नगर निगम द्वारा लगातार पानी की जांच करवाई जा रही है। कल तक बड़े प्राउड के साथ कहा जा रहा था कि भोपाल में स्वच्छ पेयजल का वितरण किया जा रहा है। एक भी सैंपल फेल नहीं हो रहा है लेकिन मंगलवार को जो 250 सैंपल कलेक्ट किए गए थे उसमें से चार फेल हो गए। सैंपल का फेल हो जाना चिंता की बात नहीं है लेकिन आदमपुर छावनी, खानू गांव और बाजपेई नगर के पानी में ई कोलाई यानी एशरीशिया कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है। यह बैक्टीरिया शौचालय के पानी में पाया जाता है और भागीरथपुरा में लोगों की मौत का कारण भी यही था। यहां चिंता की बात यह है कि, यह जानलेवा बैक्टीरिया नर्मदा के पानी की पाइपलाइन में नहीं बल्कि ट्यूबवेल और कुएं के पानी में पाया गया है। 

भोपाल नगर निगम वालों को भी मौत का इंतजार

इंदौर के भागीरथपुरा में इतना बड़ा कांड हो गया। पूरी सरकार हिल गई और केवल भारत नहीं बल्कि दुनिया भर में इंदौर और मध्य प्रदेश की बदनामी हो गई लेकिन फिर भी भोपाल नगर निगम के महापौर और कमिश्नर को मामले की संवेदनशीलता समझ में नहीं आ रही है। आदमपुर छावनी, खानू गांव और बाजपेई नगर के ट्यूबेल और कुएं में ईकोलाई बैक्टीरिया पाया गया है, लेकिन फिर भी कोई सख्त एक्शन नहीं दिया गया है। बस लोगों को सलाह दी गई है कि वह, इन ट्यूबवेल और कुएं का उपयोग न करें। नगर निगम के अधिकारी तो इस बात को लेकर प्रसन्न हो रहे हैं कि, उनके द्वारा सप्लाई किए गए पानी में कोई बैक्टीरिया नहीं है। 
लोग यदि अपने ट्यूबवेल या कुएं के पानी को पीने से मरते हैं तो मर जाएं? 

कलेक्टर ड्यूटी पर आएंगे तब प्रतिबंध लगाएंगे 

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पेयजल स्रोत को प्रतिबंधित करने का प्रावधान है। यह कलेक्टर की जिम्मेदारी भी है लेकिन भोपाल के कलेक्टर के पद पर पदस्थ श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह के मामले में बात अलग हो जाती है। उनकी शासकीय पद स्थापना कलेक्टर भोपाल है लेकिन मूल रूप से वह कोई और काम करते हैं। कभी-कभी कलेक्टर पद का काम करते हुए भी दिख जाते हैं। फिलहाल गायब हैं। टाइम लिमिट की मीटिंग और जनसुनवाई में नहीं थे। सुना है करोड़पति बिल्डरों के साथ स्टेज शेयर करने वाले हैं। सोमवार से गुरुवार हो गया है शायद आज या कम से कम शनिवार से पहले एक बार तो अपनी ड्यूटी पर आएंगे। जब आएंगे तब जहरीले पाए गए ट्यूबवेल और कुएं के पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाएंगे। इसके बाद खतरनाक जल स्रोतों को सील कर दिया जाएगा। 
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