इंदौर, 25 जनवरी 2026: MPPSC भर्ती सत्याग्रह 2.0 (जिसे न्याय यात्रा 2.0 या Article 19 सत्याग्रह के नाम से भी जाना जा रहा है) आज 25 जनवरी 2026 को अपने दूसरे दिन में जारी रहा। यह आंदोलन मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) कार्यालय, इंदौर के बाहर चल रहा है, जो 24 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक निर्धारित है। यह पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इंदौर हाईकोर्ट की अनुमति से आयोजित किया जा रहा है।
दूसरे दिन की मुख्य स्थिति और अपडेट:
पहले दिन की तुलना में संख्या अभी भी सीमित है, लेकिन कड़ाके की ठंड में अभ्यर्थी डटे हुए हैं। रात भर धरना जारी रहा और युवा खुले आसमान के नीचे बैठे रहे। NEYU (National Educated Youth Union) के कार्यकर्ता प्रमुख रूप से सक्रिय हैं, जिनका नेतृत्व राधे जाट जैसे नेताओं द्वारा किया जा रहा है। अभ्यर्थी नारे लगा रहे हैं, संघर्ष के गीत गा रहे हैं, और एकजुटता दिखा रहे हैं। कई पोस्ट में ठंड के बावजूद जोश और गर्मी का जिक्र है। युवा अब जमा हो रहे हैं और एकजुटता बढ़ रही है।
कुछ रिपोर्ट्स में उल्लेख है कि पुलिस द्वारा बैठने की जगह तक सीमित करने की कोशिश की गई, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण बना हुआ है। कोई हिंसा या अव्यवस्था नहीं हुई।
NEYU की मुख्य मांगें:
राज्य सेवा परीक्षा 2026 में पदों की संख्या न्यूनतम 700 तक बढ़ाई जाए (वर्तमान में केवल 156-155 पदों की बात चल रही है)।
इंटरव्यू अंकों को 185 से घटाकर 100 किया जाए (मेरिट आधारित चयन के लिए)।
87/13% फॉर्मूला खत्म कर 100% मेरिट पर नियुक्ति।
2019-21 की उत्तर पुस्तिकाएँ/कॉपियाँ सार्वजनिक की जाएँ।
राज्य वन सेवा में न्यूनतम 100 पद, अन्य विसंगतियाँ दूर हों।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया और अन्य सुधार।
NEYU और अन्य अभ्यर्थी लगातार अपील कर रहे हैं कि अधिक से अधिक युवा शामिल हों, क्योंकि 4 दिनों में दबाव बनाना महत्वपूर्ण है। यदि संख्या बढ़ी तो सरकार पर असर पड़ेगा, अन्यथा आंदोलन समाप्त होने के बाद चुनौतियाँ बनी रहेंगी।
कुल मिलाकर, दूसरा दिन भी ठंड और चुनौतियों के बावजूद दृढ़ संकल्प वाला रहा। अभ्यर्थी सरकार और आयोग से ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं, और आंदोलन 27 जनवरी तक जारी रहेगा। यदि कोई नया अपडेट आता है तो स्थिति बदल सकती है।
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