भोपाल समाचार, 21 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 तथा राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 के पुनरीक्षित पाठ्यक्रम जारी कर दिए हैं। आपकी सुविधा के लिए मैं राज्य सेवा परीक्षा-2026 की पूरी योजना और पाठ्यक्रम को आसान शब्दों में विस्तार से समझा रहा हूँ। इसे ध्यान से समझें क्योंकि यह आपकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगा।
परीक्षा के तीन मुख्य चरण
यह परीक्षा तीन क्रमिक स्तरों पर आयोजित की जाती है, जिसमें प्रत्येक स्तर अगले स्तर तक पहुँचने के लिए एक अनिवार्य पड़ाव है।
• प्रथम चरण: राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा, जो वस्तुनिष्ठ प्रकार की होती है और ओ.एम.आर. शीट आधारित है।
• द्वितीय चरण: राज्य सेवा मुख्य परीक्षा, जो लिखित और वर्णनात्मक (Descriptive) होती है।
• तृतीय चरण: साक्षात्कार (Interview), जो आपके व्यक्तित्व परीक्षण का अंतिम पड़ाव है।
MPPSC SSE & SEE 2026 Preliminary Examination
यह केवल एक पात्रता परीक्षा है, जिसका उद्देश्य मुख्य परीक्षा के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है। इसमें प्राप्त अंकों को अंतिम चयन सूची (Final Merit List) में नहीं जोड़ा जाता।
• प्रश्नपत्रों की संरचना: इसमें दो अनिवार्य प्रश्नपत्र होंगे, प्रथम प्रश्न पत्र 'सामान्य अध्ययन' और द्वितीय प्रश्नपत्र 'सामान्य अभिरूचि परीक्षण'।
• अंक और समय: प्रत्येक प्रश्नपत्र 300 अंकों का होगा और इसके लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा। प्रत्येक पत्र में 100 प्रश्न होंगे।
• अंकन पद्धति: हर सही उत्तर के लिए 3 अंक दिए जाएंगे, लेकिन यहाँ ऋणात्मक मूल्यांकन (Negative Marking) का प्रावधान है। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटा जाएगा, जिसे (3R-W) पद्धति से मापा जाता है।
• अर्हकारी प्रकृति: द्वितीय प्रश्नपत्र केवल अर्हकारी (Qualifying) है, जिसमें अनारक्षित वर्ग को 40% और आरक्षित वर्ग को 30% न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य है। अंतिम मेरिट केवल मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों से बनती है।
MPPSC SSE & SEE 2026 Main examination details
मुख्य परीक्षा में आपकी लेखन क्षमता और विषयों की गहरी समझ का परीक्षण किया जाता है। इसमें कुल 6 अनिवार्य प्रश्नपत्र होते हैं।
• प्रथम से चतुर्थ प्रश्नपत्र: ये 'सामान्य अध्ययन' के पत्र हैं। पहले तीन प्रश्नपत्र 300-300 अंकों के होते हैं, जिनमें विषयों को दो खंडों (अ और ब) में बांटा गया है। चतुर्थ प्रश्नपत्र भी 300 अंकों का है, जिसमें दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान और उद्यमिता जैसे विषय शामिल हैं。
• पंचम प्रश्नपत्र: यह 'सामान्य हिंदी एवं व्याकरण' का पत्र है, जो 200 अंकों का होता है और इसके लिए 2 घंटे मिलते हैं।
• षष्ठ प्रश्नपत्र: यह 'हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन' का है, जो 100 अंकों का होता है और इसकी अवधि 2.5 घंटे होती है।
• कुल मुख्य परीक्षा अंक: 1500 अंक।
प्रश्न और उत्तर लेखन की सीमा Word Limit
सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्रों में उत्तरों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
• अति लघुत्तरीय प्रश्न: 15 प्रश्न, प्रत्येक 2 अंक के, जिन्हें आपको लगभग 20 शब्दों में लिखना होता है।
• लघुत्तरीय प्रश्न: 10 प्रश्न, प्रत्येक 7 अंक के, जिनकी शब्द सीमा लगभग 60 शब्द है।
• दीर्घ उत्तरीय प्रश्न: 5 प्रश्न, प्रत्येक 10 अंक के, जिन्हें आपको लगभग 200 शब्दों में विस्तार से समझाना होता है।
• विशेष बिंदु: चतुर्थ प्रश्नपत्र में केस स्टडी के प्रश्न भी होते हैं, जो 18 अंकों के होते हैं।
साक्षात्कार और अंतिम चयन Interview
मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को 185 अंकों के साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाता है। आपकी अंतिम रैंकिंग मुख्य परीक्षा के 1500 अंक और साक्षात्कार के 185 अंकों को मिलाकर कुल 1685 अंकों में से तय की जाती है।
MPPSC SSE & SEE 2026 Syllabus Highlights
आपको अपनी तैयारी में इन प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए:
• इतिहास: इसमें भारत का प्राचीन से आधुनिक इतिहास और मध्य प्रदेश के प्रमुख राजवंशों व रियासतों का विवरण शामिल है।
• भूगोल: भारत और मध्य प्रदेश का भौतिक स्वरूप, जलवायु, प्राकृतिक संसाधन और आपदाएं प्रमुख विषय हैं।
• राजनीति और समाजशास्त्र: भारतीय संविधान, शासन व्यवस्था, सामाजिक विचारधाराएं और समाजशास्त्र की आधारभूत अवधारणाएं पूछी जाती हैं।
• अर्थव्यवस्था और विज्ञान: भारतीय अर्थव्यवस्था के मौलिक पहलू, मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान, कंप्यूटर और जन स्वास्थ्य से संबंधित चुनौतियां पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
• मध्य प्रदेश की जनजातियां: प्रारंभिक परीक्षा के 'इकाई 10' और मुख्य परीक्षा में मध्य प्रदेश की जनजातीय विरासत, लोक संस्कृति और उनके योगदान पर विशेष बल दिया गया है।
सभी अभ्यर्थी, याद रखें कि मुख्य परीक्षा के हर प्रश्नपत्र में भी आपको न्यूनतम अर्हकारी अंक (40% अनारक्षित, 30% आरक्षित) प्राप्त करना अनिवार्य है। अपनी लेखनी को निरंतर सुधारें और हर विषय को गहराई से समझें। यदि कोई और शंका हो, तो अवश्य पूछें। लेखक - नितिन सक्सेना (असिस्टेंट प्रोफेसर)।
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