भोपाल समाचार, 21 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के प्राचार्य और प्रधान अध्यापक आवारा कुत्तों को स्कूल परिसर में आने से रोकेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस काम के लिए सभी प्राचार्य और प्रधान अध्यापकों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। अब शिक्षक और अतिथि शिक्षक स्कूल कैंपस में से आवारा कुत्ते भगाएंगे। यदि नहीं भाग पाए तो जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश अनुसार सस्पेंड कर दिए जाएंगे।
सरकारी स्कूलों में कुत्ते भगाने के लिए दल गठित करने के आदेश
दिनांक 21 जनवरी 2026 को कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला छतरपुर से जारी हुए आदेश में लिखा है कि, आपको निर्देशित किया जाता है कि आपके द्वारा यह विशेष रूप से ध्यान रखा जाये कि विद्यालय परिसर में आवारा श्वान (कुत्ता) प्रवेश न कर पायें। आवारा श्वानों के शाला परिसर में प्रवेश होने से अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अतः कोई अप्रिय घटना घटित न होने के दृष्टिकोण से आपको नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाकर निर्देशित किया जाता है कि आप विद्यालय स्तर पर इस हेतु एक दल का गठन करें, गठित दल नियमित मोनिटरिंग कर यह सुनिश्चित करें कि विद्यालय परिसर में कोई भी आवारा श्वान प्रवेश न कर पाये उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जावे।
इस आदेश पर श्री ए एस पांडे जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर के हस्ताक्षर हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस व्यवस्था की विधिवत सूचना छतरपुर के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और लोक शिक्षण सागर संभाग के संयुक्त संचालक को भी दी है। अब देखना यह है कि प्राचार्य किस प्रकार का दल गठित करते हैं और उस दल में कितने शिक्षकों की ड्यूटी आवारा कुत्ते भगाने के लिए लगाई जाती है।
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