भोपाल समाचार, 31 जनवरी 2026: राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ ने प्रदेश में कार्यरत लगभग ढाई लाख संविदा कर्मियों की सेवाएं नियमित पदों पर अथवा नियमित करने की मुख्यमंत्रीजी द्वारा की गई घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, जहां एक ओर की गई घोषणा का स्वागत किया है, वहीं विभागों में नियमित सेवा में सीधीभर्ती के स्वीकृत व रिक्त पदों की अनुपलब्धता के कारण नियमितिकरण की सौगात का लाभ प्राप्त होने पर आशंका व्यक्त की है।
संघ प्रमुख श्री शील प्रतापसिंह पुंढीर महासचिव व्यास मुनि चौबे डॉ देवीसिंहसनोडीया,उपाध्यक्ष भगवानसिंह ठाकुर प्रदेशसचिव कृष्णकांत मिश्रा आदि द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा है कि प्रदेश सरकार में बंद पदोन्नतियों के कारण सिर्फ पदोन्नति से भरे जाने वाले पद रिक्त पड़े है। जिन पर नियमानुसार संविलियन/ नियमितिकरण की कार्रवाई किया जाना असंभव है।
संगठन ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी, व प्रदेश सरकार से मांग की है कि यदि संविदा कर्मियों का नियमितिकरण एवं शासन नीति अनुसार पद संवर्गों का विभेदीकरण को समाप्त किया जाना है तो सरकार द्वारा संख्येतर/समाप्त घोषित किए गए अस्थाई संवर्गो की पद संख्याबल के समतुल्य, सीधीभर्ती के नियमित पदो की वित्त विभाग से स्वीकृति कराए जाने के पश्चात ही संविदा कर्मियों का नियमितिकरण एवं राज्य के सभी अस्थाई पद संवर्गो के सेवकों के नियमितिकरण का मार्ग प्रशस्त होगा।
एवं पर्याप्त संख्या में नियमित पदों की उपलब्धता के फलस्वरूप ही अस्थाई कर्मी संवर्गो की एकमुश्त सेवाएं संविलियन करके ही पदों के विभेदीकरण को समाप्त किया जाना संभव होगा।
रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी, प्रदेश प्रवक्ता।

