Madhya Pradesh के सरकारी कर्मचारियों की समयमान वेतन योजना पर शासन का बड़ा स्पष्टीकरण

Updesh Awasthee
भोपाल, 22 जनवरी 2026
: मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग ने राज्य की सिविल सेवा के सदस्यों के लिए समयमान वेतन (Time Scale Pay) योजना के कार्यान्वयन और उसकी शर्तों को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। यह योजना उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए संजीवनी के समान है, जिन्हें अपनी सेवा अवधि के दौरान पदोन्नति के पर्याप्त अवसर प्राप्त नहीं हो पाते हैं।

योजना की मुख्य विशेषताएं और पात्रता:

• प्रभावी तिथि और उद्देश्य: यह संशोधित योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रभावी की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य सिविल सेवा के सदस्यों को करियर में आगे बढ़ने के निश्चित अवसर उपलब्ध कराना है।
• पात्रता मानदंड: सीधी भर्ती वाले संवर्गों में, 'अ' तथा 'ब' वर्ग के सदस्यों को 8 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर उच्चतर वेतनमान की पात्रता होती है। वहीं, 'स' वर्ग के कर्मचारियों के लिए यह अवधि 10 वर्ष निर्धारित की गई है।
• वेतन निर्धारण: यदि इस योजना के तहत मिलने वाला उच्चतर वेतनमान, पदोन्नति वाले पद के वेतनमान से अधिक है, तो उसे कर्मचारी को व्यक्तिगत वेतन के रूप में दिया जाता है,।

पदोन्नति से इनकार और वित्तीय लाभ पर स्पष्टीकरण:

शासन ने 21 जनवरी 2026 को जारी नए निर्देशों के माध्यम से 'कंडिका-13' के संबंध में व्याप्त असमंजस को दूर किया है:
1. लाभ की वापसी नहीं: यदि कोई कर्मचारी उच्चतर वेतनमान का वित्तीय लाभ प्राप्त करने के बाद नियमित पदोन्नति स्वीकार करने से मना कर देता है, तो उससे पूर्व में दिया गया वित्तीय लाभ वापस नहीं लिया जाएगा।
2. भविष्य के लाभ पर असर: हालांकि, पदोन्नति से इनकार करने की स्थिति में, उस कर्मचारी को उस विशेष वेतनमान में भविष्य में कोई और वित्तीय लाभ देय नहीं होगा।
3. पुनर्विचार का अवसर: एक महत्वपूर्ण राहत देते हुए शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारी भविष्य में पदोन्नति स्वीकार कर लेता है और आवश्यक अर्हताएं पूरी करता है, तो उसे अगले उच्चतर समयमान वेतन के लिए फिर से विचार में लिया जा सकता है। 

विभागों का दायरा और निगरानी:

इस योजना का लाभ कृषि, वाणिज्यिक कर, वित्त, गृह (पुलिस), और वन जैसे विभिन्न विभागों के कई संवर्गों को मिल रहा है। शासन ने निर्देश दिया है कि वेतन निर्धारण की प्रक्रिया में किसी भी चूक को रोकने के लिए इसकी जांच संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन द्वारा सुनिश्चित की जाए। 

यह स्पष्टीकरण उन हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो पदोन्नति और समयमान वेतन के तकनीकी नियमों के बीच फंसे हुए थे।
रिपोर्टर: प्रशासनिक संवाददाता। स्रोत: मध्य प्रदेश शासन, वित्त विभाग के आधिकारिक दस्तावेज (2008 और 2026)
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