भोपाल समाचार, 17 जनवरी 2026: अजाक्स का प्रदेश अध्यक्ष बनते ही, अजाक्स में जबरदस्त विरोध का शिकार हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री संतोष वर्मा के समर्थन में, ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। जबकि श्री संतोष वर्मा अजाक्स के प्रदेश अध्यक्ष हैं। यह बिल्कुल ऐसा ही है जैसे किसी व्यक्ति का परिवार उसका साथ नहीं दे रहा है लेकिन पड़ोसियों ने उसका अपना नेता मान लिया।
सोशल मीडिया पर चल रहा है प्रचार प्रसार
ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा की ओर से 18 जनवरी 2026 को भोपाल में एक ऐतिहासिक और विराट आमसभा का ऐलान किया गया है। सोशल मीडिया पर चल रहे प्रचार में इस आम सभा का एजेंडा 52% आरक्षण, सभी बैकलॉग पदों पर भर्ती करने, ओबीसी के रोके गए 13% पदों को तत्काल अनहोल्ड करने, आउटसोर्स भर्ती में, प्राइवेट सेक्टर की भर्ती में आरक्षण, प्रमोशन में आरक्षण और पुरानी पेंशन इत्यादि कई मांगों की लिस्ट है लेकिन इसके केंद्र में है भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री संतोष वर्मा के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन करना।
संतोष वर्मा के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन
भोपाल पुलिस की ओर से अनुमति में कोई परेशानी ना हो इसलिए विनोद प्रदर्शन नहीं बल्कि संविधान के समर्थन में आमसभा नाम दिया गया है। सोशल मीडिया के प्रचार में आम सभा के स्थान और प्रमुख नेताओं का खुलासा नहीं किया गया है। सिर्फ संतोष वर्मा के नाम का जिक्र किया गया है। वायरल मैसेज में लिखा है कि, आदिवासी श्री संतोष वर्मा, आईएएस, अजाक्स प्रांताध्यक्ष के विरुद्ध की गई अन्यायपूर्ण कार्यवाहियों को समाप्त करने के लिए आम सभा का आयोजन किया जा रहा है।
संतोष वर्मा, अजाक्स के सर्वमान्य नेता नहीं
मूल बात यह है कि संतोष वर्मा आईएएस, अजाक्स संगठन के सर्वमान्य नेता नहीं है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद जो पहला भाषण दिया उसके विवादित अंश सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। यहां ध्यान देना जरूरी है कि उस कार्यक्रम में कोई ब्राह्मण नहीं था। जितने भी लोग उपस्थित थे सभी अजाक्स के सदस्य थे। अजाक्स के सदस्यों को संतोष वर्मा की नियुक्ति और भाषण आपत्तिजनक लगा। संतोष वर्मा का असली विरोध अजाक्स के अंदर और अधिक शक्ति के साथ उपस्थित है।
