भोपाल समाचार, 31 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश शासन के अधिकारी डॉ अमरनाथ मित्तल (the then Director of Health Services) के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। डॉ अमरनाथ मित्तल और उनकी पत्नी अलका मित्तल के नाम भोपाल और रायसेन में स्थित 9.79 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच कर लिया गया है।
सैलरी मिली 60 लाख, प्रॉपर्टी हो गई 2.98 करोड़
Directorate of Enforcement, Bhopal द्वारा बताया गया कि, इस पूरे मामले की जड़ें लोकायुक्त, भोपाल द्वारा दर्ज की गई उस प्राथमिकी (FIR) में हैं, जिसमें डॉ. मित्तल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया गया था। ईडी की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जांच अवधि के दौरान डॉ. मित्तल की कानूनी आय केवल 60 लाख रुपये थी, जबकि उनके द्वारा अर्जित की गई संपत्ति और किया गया खर्च लगभग 2.98 करोड़ रुपये पाया गया। इस प्रकार, लगभग 2.38 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की गई थी।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद 2.38 करोड़ की संपत्ति 9.79 करोड़ की हो गई
जांच से पता चला है कि डॉ. मित्तल ने अपनी अवैध कमाई को छिपाने के लिए कई हथकंडे अपनाए। सिर्फ इतना ही नहीं, डॉक्टर मित्तल को भ्रष्टाचार पर इतना भरोसा था कि उन्होंने भ्रष्टाचार से प्राप्त धनराशि को इन्वेस्ट किया और 2.38 करोड़ की संपत्ति को बढ़ाकर 9.79 करोड़ का कर लिया। शायद उनको उम्मीद थी कि लोकायुक्त और ED वाले भी ले देकर मान जाएंगे। पढ़िए उन्होंने ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए क्या-क्या किया:-
• उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के अलावा 'ए.एन. मित्तल अविभाजित हिंदू परिवार' (HUF) के नाम पर संपत्तियां खरीदीं ताकि स्वामित्व को छिपाया जा सके।
• अवैध धन को वैध दिखाने के लिए लेयर्ड वित्तीय लेनदेन (layered financial transactions), बेहिसाब नकदी और अज्ञात जमा राशि का उपयोग किया गया।
• हैरानी की बात यह है कि 2012 में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी, उन्होंने पुरानी संपत्तियों को बेचकर प्राप्त धन को नई संपत्तियों में निवेश किया, जिसे ईडी ने 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (अपराध की कमाई) माना है। इसी कारण वर्तमान में कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 9.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
कुर्क की गई संपत्तियों का विवरण:
ईडी द्वारा कुर्क की गई इन संपत्तियों में भोपाल और रायसेन जिलों में स्थित आवासीय और कृषि भूमि के साथ-साथ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन बॉन्ड्स भी शामिल हैं। फिलहाल, विभाग द्वारा इस मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
डॉ अमरनाथ के पिता ने खुद को दिवालिया घोषित किया था
मध्यप्रदेश के जिस तत्कालीन स्वास्थ्य संचालक डा. अमरनाथ मित्तल की संपत्ति कुर्क की गई है, उनके पिता ने बरसों पहले खुद को सार्वजनिक रूप से दिवालिया घोषित कर दिया था। बिलासपुर जिले के तखतपुर में आज भी उनका खंडहरनुमा मकान दिवालिएपन की कहानी बयां कर रहा है। डॉ. अमरनाथ मित्तल तखतपुर के रहने वाले हैं। यहां संगम नगर मेन रोड में उनका खंडहरनुमा मकान है। दशकों पहले उनके पिता लखीराम अग्रवाल औषधियों का कारोबार कर अपने 10 बच्चों की परवरिश करते थे। आर्थिक दृष्टि से उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी, उन्होंने सार्वजनिक रूप से खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था। 80 के दशक में लकवाग्रस्त होने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
बिलासपुर में डॉ अमरनाथ मित्तल का परिवार
डा. मित्तल के पड़ोसी राधे शिवहरे ने बताया कि वर्तमान में मित्तल परिवार के अधिकांश लोग बिलासपुर में रहते हैं। डा. अमरनाथ मित्तल के एक भाई श्याम मित्तल एसीसीएल के उच्च पद से रिटायर होकर बिलासपुर में श्याम एंड संस मेडिकल का संचालन कर रहे हैं। दूसरा भाई संजीव मित्तल ईई जल संसाधन विभाग रायपुर में पदस्थ हैं। तीसरे भाई राकेश मित्तल बिलासपुर मिशन रोड में नर्सिग होम चलाते हैं।

