BHARAT मौसम का पूर्वानुमान, फरवरी के महीने में कहां कितनी बारिश होगी, मावठ गिरेगी पढ़िए

Updesh Awasthee
नई दिल्ली, 31 जनवरी 2026
: आज की बड़ी खबर मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान को लेकर है। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से 31 जनवरी 2026 को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, आने वाला फरवरी का महीना देश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क और गर्म रहने वाला है। किसानों और खेती से जुड़े हुए व्यापारियों एवं अन्य लोगों के लिए यह न्यूज़ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह इसके आधार पर अपनी भविष्य की योजना बना सकते हैं। आइए जानते हैं, इसकी पूरी जानकारी विस्तार से: 

वर्षा का अनुमान: उत्तर-पश्चिम भारत में सूखे जैसे आसार

मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी 2026 के दौरान पूरे देश में मासिक वर्षा सामान्य से नीचे रहने की प्रबल संभावना है, जो कि दीर्घावधि औसत (LPA) का 81% से भी कम रह सकती है। सबसे अधिक प्रभाव उत्तर-पश्चिम भारत पर पड़ने की उम्मीद है, जहाँ सात प्रमुख मौसम विज्ञान उप-मंडलों, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख, में वर्षा 78% से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी मध्य भारत के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों और उत्तर-पूर्वी भारत के दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा की भी संभावना जताई गई है।

फरवरी में ही सताएगी गर्मी 

इस साल फरवरी में गर्मी बढ़ने के संकेत हैं। रिपोर्ट के मुताबिक:
देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। केवल मध्य भारत के कुछ अलग-थलग क्षेत्रों और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तापमान सामान्य रह सकता है। रातें भी गर्म रहने वाली हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान भी देश के अधिकांश भागों में सामान्य से ऊपर रहेगा। उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य भारत के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि इस बार शीत लहर (Cold Wave) वाले दिनों की संख्या सामान्य से कम रहने की उम्मीद है। 

वैश्विक मौसम कारकों का प्रभाव: 

ला नीना और IOD की स्थिति मौसम के इस बदलाव के पीछे कुछ बड़े वैश्विक कारण भी सक्रिय हैं:
1. वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में ला नीना (La Niña) की स्थिति बनी हुई है, लेकिन पूर्वानुमान बताते हैं कि फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच यह ईएनएसओ (ENSO), तटस्थ स्थिति में बदल सकता है।
2. हिंद महासागर में फिलहाल तटस्थ IOD की स्थिति बनी हुई है, जिसके अगले तीन महीनों तक इसी तरह जारी रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, फरवरी 2026 का महीना खेती और दैनिक जीवन के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि कम बारिश और बढ़ता तापमान नई चुनौतियाँ पेश कर सकता है।

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