Cosmic mysteries, रिंग नेबुला में इतनी बड़ी लोहे की छड़ मिली है कि कैलकुलेटर खराब हो जाएगा

0
साइंस न्यूज़ डिपार्मेंट, 27 जनवरी 2026
: स्पेन के विलियम हर्शेल टेलीस्कोप ने आज दुनिया को वह दे दिया है, जो आज से पहले कोई भी नहीं दे पाया था। दूर अंतरिक्ष में, रिंग नेबुला में लोहे की इतनी बड़ी छड़ मिली है कि, उसकी लंबाई की गिनती करेंगे तो आपका कैलकुलेटर खराब हो जाएगा। फिर भी हमने आपके लिए उसको कैलकुलेट किया है, यह मजेदार जानकारी जानना चाहते हैं तो इस समाचार को अंत तक पढ़िए:- 

Ring Nebula में मिली लोहे की छड़ कितनी बड़ी है

लगभग 250 वर्षों से खगोलविदों के आकर्षण का केंद्र रहे रिंग नेबुला (Ring Nebula) के केंद्र में एक रहस्यमय और विशालकाय लोहे की संरचना पाई गई है। यह संरचना एक सीधी पट्टी या छड़ (bar-shaped cloud) के आकार की है, जो लगभग 3.7 ट्रिलियन मील लंबी है। यानी कि इस छड़ से पृथ्वी के चारों ओर 15 करोड़ लोहे के छल्ले बनाए जा सकते हैं। इसकी विशालता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि, हम अपनी पृथ्वी को एक के बाद एक लाइन में खड़ी कर दें तो लोहे की इस छड़ के ऊपर 4.63 करोड़ पृथ्वियां रखी जा सकती है। इसका द्रव्यमान (mass) मंगल ग्रह के बराबर है। 

इतनी बड़ी लोहे की छड़ का आज तक पता क्यों नहीं चला

यह अभूतपूर्व खोज स्पेन के विलियम हर्शेल टेलीस्कोप (WHT) पर लगे नए WEAVE स्पेक्ट्रोग्राफ की मदद से संभव हुई है। वैज्ञानिकों ने बताया कि 1779 में चार्ल्स मेसियर द्वारा खोजे जाने के बाद से रिंग नेबुला का लगातार अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन यह लोहे की पट्टी अब तक इसलिए छिपी रही क्योंकि हमारे पास ऐसे उपकरण ही नहीं थे जो इसको देख सकते थे। WEAVE के LIFU (Large Integral Field Unit) मोड ने पहली बार पूरे नेबुला का एक साथ विस्तृत स्पेक्ट्रा प्राप्त करने की अनुमति दी, जिससे यह विशाल 'आयरन बार' साफ नजर आया। 

यह जानकारी इस बात की संभावना भी प्रकट करती है कि, हो सकता है अभी कुछ और भी बाकी हो, लेकिन हमारे पास उपकरण नहीं है इसलिए हम उसको देख नहीं पा रहे हैं। 

सबसे आश्चर्यजनक बात

कार्डिफ यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ता रोजर वेसन और उनकी टीम के लिए यह खोज किसी पहेली से कम नहीं है। अंतरिक्ष में लोहा आमतौर पर धूल के कणों के रूप में होता है, लेकिन यहाँ यह आयनित (ionized) अवस्था में स्वतंत्र रूप से चमक रहा है। 

रिंग नेबुला में लोहे की पट्टी कहां से आई 

इस प्रश्न का वैज्ञानिकों के पास में कोई उत्तर नहीं है लेकिन कुछ अनुमान लगाए जा रहे हैं: 
1. यह किसी ऐसे चट्टानी ग्रह के अवशेष हो सकते हैं जो नेबुला बनाने वाले तारे के फटने के समय वाष्पित (vaporized) हो गया था।
2. किसी कारणवश वहां की धूल नष्ट हो गई, जिससे उसके अंदर का लोहा बाहर निकल आया। (इस अनुमान में दम नहीं है क्योंकि इसके लिए आवश्यक अत्यधिक तापमान या शक्तिशाली झटकों के सबूत फिलहाल वहां नहीं मिले हैं।)

अब आगे का प्लान क्या है

अध्ययन की सह-लेखक जेनेट ड्रू का कहना है कि यह खोज 'अजीब' है क्योंकि इसका कोई तैयार स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है। वैज्ञानिक अब आने वाले पांच वर्षों में आठ अन्य सर्वेक्षण करने की योजना बना रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ऐसी लोहे की पट्टियाँ अन्य नेबुलाओं में भी मौजूद हैं या यह रिंग नेबुला की अपनी कोई अनोखी विशेषता है। 

अंतरिक्ष की ऐसी ही रोमांचक खबरों के लिए पढ़ते रहिए भोपाल समाचार डॉट कॉम।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!