भोपाल, 11 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा विभाग में काम कर रहे अतिथि व्याख्याताओं की लंबे समय से चली आ रही समस्या पर अब राजनीतिक स्तर से ध्यान दिया जा रहा है। सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामनिवास शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर इन व्याख्याताओं को नियमित करने की मांग की है। पत्र में उन्होंने पॉलिटेक्निक अतिथि विद्वान संघ की ओर से उठाई गई मांगों का जिक्र करते हुए कहा है कि इन शिक्षकों को हरियाणा राज्य की तरह नीति बनाकर सुविधाएं दी जाएं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके और शिक्षा की quality में सुधार आए।
तकनीकी शिक्षा के लिए भी समिति बनाने की सिफारिश
यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब अतिथि व्याख्याताओं की अनिश्चित job situation से उनकी family और career दोनों प्रभावित हो रही हैं। रामनिवास शाह, जो विधानसभा-80 सिंगरौली से विधायक हैं, ने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि तकनीकी शिक्षा विभाग में अतिथि व्याख्याताओं को 2000 रुपये प्रति कार्य दिवस और अधिकतम 50,000 रुपये मासिक पर 11 महीने के अनुबंध पर रखा गया है, जो उनके योगदान को देखते हुए काफी कम है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि विद्वानों के लिए बनी समिति का हवाला देते हुए तकनीकी शिक्षा के लिए भी ऐसी ही committee बनाने की सिफारिश की है। इससे न केवल व्याख्याताओं को regular job मिलेगी, बल्कि उन्हें सरकार की सभी facilities जैसे pension, leave और promotion का लाभ भी मिल सकेगा।
विधायक का यह पत्र 10 जनवरी 2026 को लिखा गया है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि पॉलिटेक्निक अतिथि विद्वान संघ की demands पर जल्द कार्रवाई की जाए। संघ ने 2 जनवरी 2026 को एक मांग पत्र सौंपा था, जिसमें हरियाणा मॉडल को अपनाने की बात कही गई है। हरियाणा में अतिथि शिक्षकों को regular करने की policy से कई लोगों को फायदा हुआ है, और मध्य प्रदेश में भी ऐसा करने से technical education के क्षेत्र में stability आएगी। रामनिवास शाह का कहना है कि ये व्याख्याताओं ने सालों से dedication के साथ काम किया है, लेकिन अनुबंध की वजह से उनका morale down है। अगर इन्हें regular किया जाए, तो students को बेहतर teaching मिलेगी और राज्य की skill development में boost आएगा।
यह मांग सिर्फ सिंगरौली क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के तकनीकी colleges में काम कर रहे हजारों अतिथि व्याख्याताओं की है। वे अक्सर protest और memorandum के जरिए अपनी voice उठाते रहे हैं, लेकिन अब विधायक स्तर से support मिलने से उम्मीद जगी है।
इस विषय से जुड़ी अन्य जानकारी के अनुसार,
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में उच्च शिक्षा के अतिथि विद्वानों के लिए एक committee बनाई है, जो 2 जनवरी 2026 को जारी आदेश से हुई। लेकिन तकनीकी शिक्षा विभाग में अभी ऐसी कोई पहल नहीं हुई है। साथ ही, राज्य में अतिथि शिक्षकों की overall situation को देखें तो कई unions ने 21 सूत्री मांगें रखी हैं, जिसमें regularization, बेहतर pay और promotion शामिल हैं।
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