CCF Bhopal टाइगर के इलाके में आग लगने वालों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की, PCCF का रिमाइंडर

भोपाल, 16 जनवरी 2026
: भारतीय वन सेवा के अधिकारी मुख्य वन संरक्षक, भोपाल वन वृत्त, भोपाल, मध्यप्रदेश को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख द्वारा रिमाइंडर जारी किया गया है। आज की बड़ी खबर यही है कि, जंगल और जानवरों की रक्षा के लिए नौकरी पर रखे गए अधिकारी को रिमाइंडर जारी करके पूछना पड़ रहा है कि, उसने अपने कर्तव्य का पालन क्यों नहीं किया। वह टाइगर को तंग करने वाले फिल्म मेकर्स और वन विभाग के अधिकारियों को बचाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं। 

रिमाइंडर का आशय बड़ा कठोर है

मुख्य वन संरक्षक, भारतीय वन सेवा का अधिकारी होता है इसलिए रिमाइंडर की भाषा में कठोर शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया परंतु रिमाइंडर का आशय बड़ा कठोर है। श्री व्ही.एन. अम्बाड़े, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, मध्य प्रदेश, भोपाल द्वारा मुख्य वन संरक्षक,भोपाल वन वृत्त, भोपाल, मध्यप्रदेश के नाम जारी किए गए रिमाइंडर दिनांक 15 जनवरी 2026 क्रमांक 151 में लिखा है कि, इस कार्यालय का पत्र क्रमांक / वनिस / शिकायत/2025/99 दिनांक 08.01.2026 द्वारा श्री अजय दूबे, एक्टिविस्ट का आवेदन ईमेल दिनांक 07.01.2026 से भोपाल में बाघ विचरण क्षेत्र केरवा रोड में वन भूमि पर दिनांक 06 जनवरी 2026 को देर रात अवैध फिल्म शूटिंग और आग जलाकर शोर शराबा करने के संबंध में शिकायत पत्र संलग्न कर 03 दिवस के भीतर प्रतिवेदन चाहा गया था। 

विषयांतर्गत श्री पंडित विक्रांत शर्मा, अधिमान्य पत्रकार द्वारा पुनः आज दिनांक 15.01.2026 को उपरोक्त के संबंध में सूचना प्राप्त हुई है।

उपरोक्त घटना वन और वन्यजीव (संरक्षण) के नियम / कानून का उल्लंघन के अंतर्गत असहनीय है।

उपरोक्त के संबंध में आपको पुनः निर्देशित किया जाता है कि उक्त घटना का वीडियो प्राप्त कर, घटना की जांच करें एवं लिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों तथा संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही कर जांच प्रतिवेदन अधोहस्ताक्षकर्ता के समक्ष दिनांक 16.01.2026 को अपरान्ह पश्चात् उपस्थित होकर प्रस्तुत करें।

मामला क्या है

मामला ऐसा है कि जंगल को जानवरों की नहीं बल्कि अपनी प्राइवेट प्रोपर्टी समझने वाले वन विभाग के अधिकारियों ने टाइगर की टेरिटरी में फिल्म की शूटिंग करने की अनुमति दे दी। फिल्म बनाने वालों ने रात के अंधेरे में फिल्म की शूटिंग की, टाइगर की टेरिटरी में आग लगाई। इसके कारण कोई भी हादसा हो सकता था। यदि टाइगर को गुस्सा आ जाता तो फिल्म का सीन बदल सकता था। 6 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मौसम अनुकूल नहीं था। शुक्र है कि बहुत प्रतिकूल भी नहीं था। यदि हवा की स्पीड 15 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा होती तो फिल्मी शूटिंग की आज पूरे जंगल में फैल सकती थी। 

तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार की जिम्मेदारी थी कि वह इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को संचालित होने से रोकें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। एक्टिविस्ट श्री अजय दुबे (जिनको सरकार की तरफ से कोई वेतन या इनाम नहीं मिलता) ने शिकायत की, PCCF ने तीन दिन के भीतर प्रतिवेदन भेजा लेकिन मुख्य वन संरक्षक ने ना तो प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और ना ही प्रतिवेदन के लिए समय की मांग की। यानी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश को भी इग्नोर कर दिया। सवाल तो बहुत सारे हैं लेकिन समाचार यह है कि अब रिमाइंडर जारी हुआ है। देखते हैं आज शाम तक क्या होता है? 
सोर्स संलग्न है, रिपोर्ट लालजी प्रवीण, एडिटिंग उपदेश अवस्थी।


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