BLF 2026: भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल की तैयारी पूरी, जानिए इस बार क्या स्पेशल होगा

भोपाल, 3 जनवरी 2026
: भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (BLF) के तहत भारत भवन में ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026 का शानदार आयोजन होने वाला है। उनकी तैयारी पूरी हो गई है, आप भी अपनी तैयारी पूरी कर लीजिए।

Bhopal Literature and Art Festival dates

यह तीन दिवसीय इवेंट 9 से 11 जनवरी तक चलेगा। इसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों सहित कुल 10 राज्यों से 60 से अधिक आदिवासी कलाकारों को एक मंच पर लाएगा, जहां उनकी परंपरागत कला और संस्कृति की झलकियां देखने को मिलेंगी। यह फेस्टिवल न केवल साहित्य को बल्कि विविध आर्ट फॉर्म्स को भी सेलिब्रेट करता है, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाता है।

Bhopal Literature and Art Festival: Features

इस फेयर में गोंड, बैगा, भील, पिथोरा, वारली और भारिया जैसी चित्रकलाएं प्रदर्शित होंगी, जो प्राकृतिक रंगों से बनाई जाती हैं और प्रकृति से जुड़ी भावनाओं को व्यक्त करती हैं। साथ ही, बांस शिल्प, लकड़ी शिल्प, सजावटी आदिवासी वस्तुएं और लोहे के क्राफ्ट्स भी आगंतुकों को आकर्षित करेंगे। इस साल विशेष फोकस लुप्तप्राय कलाओं जैसे गोंडना और मुरिया आर्ट पर है, जो आदिवासी समुदायों की गहरी सांस्कृतिक जड़ों को बचाने और प्रचारित करने का प्रयास करता है। यह आयोजन युवा कलाकारों को visibility, recognition और market opportunities प्रदान करेगा, जिससे उनकी रचनात्मकता को नई उड़ान मिलेगी।

What is a tribal art camp?

ट्राइबल आर्ट कैंप सिर्फ एक exhibition नहीं है, बल्कि एक interactive platform है जहां दूसरी और तीसरी पीढ़ी के कलाकार अपनी heritage को modern world से connect करने के तरीके explore करेंगे। यहां panel discussions, artist consultations, 18 से 34 वर्ष के युवाओं के लिए focused group discussions और senior artists द्वारा अपनी journeys, challenges तथा cultural experiences साझा करने के sessions होंगे। 

हर दिन live workshops 

हर दिन live workshops में आदिवासी चित्रकला, बांस शिल्प, गोंडना कला, लकड़ी शिल्प और traditional jewelry making की प्रक्रिया को live demonstrate किया जाएगा। इसके अलावा, आदिवासी कला एवं संस्कृति पर based quiz भी होगा, जो participants को engage रखेगा।

cultural evenings

शाम की cultural evenings में आदिवासी dance, music, folk songs और story-telling की presentations होंगी, जो दर्शकों को एक immersive experience देंगी। यहां visitors कलाकारों से direct interact कर सकेंगे, उनकी creation process को close से देखेंगे और उनके works के पीछे छिपी cultural heritage को understand करेंगे। 

BLF के festival director श्री राघव चंद्रा ने कहा कि यह कैंप एक long-term cultural movement के रूप में develop किया जा रहा है, ताकि आदिवासी artists को national और global platforms मिलें, cultural tourism boost हो, traditional knowledge का documentation हो और tribal communities की social-economic condition में positive change आए।

students, singers, creators और artists के लिए

इस आयोजन से संबंधित अन्य जानकारी के अनुसार, BLF 2026 का यह 8वां संस्करण है, जो 9 से 11 जनवरी तक भारत भवन में होगा और इसमें tribal art camp के अलावा Gond and Baiga artists की exhibition भी शामिल है। हाल ही में BLF ने अपने social media पर announced किया कि यह फेस्टिवल students, singers, creators और artists को एक साथ लाएगा। इसके अलावा, IDO द्वारा hosted Tribal Art Fair 2026 भी 7 से 12 जनवरी तक Bharat Bhawan में होगा, जो BLF के साथ collaborate कर रहा है।

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