BHOPAL NEWS: संघ के मंच पर 12 समाज के लोगों ने एक नया संकल्प लिया

भोपाल, 3 जनवरी 2026
: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक ने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत किया। यहां संघ के मंच पर मध्य भारत प्रांत के 16 जिलों में सक्रिय समाज के संगठनों द्वारा अपना प्रस्तुतिकरण दिया गया। अंत में संकल्प हुआ के समाज अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करेगा। सरकार की प्रतीक्षा नहीं करेगा।

निरंतर सद्भावना संवाद आवश्यक हो गया है

बैठक दो सत्रों में हुई। मध्यभारत प्रांत के 16 जिलों से विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जो इस कार्यक्रम की विशेषता बनी। इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सामाजिक सद्भाव कोई नया concept नहीं है, बल्कि यह हमारे भारतीय समाज का innate स्वभाव रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में सज्जन शक्ति का जागरण, आचरण में पंच परिवर्तन और निरंतर सद्भावना संवाद बहुत आवश्यक हो गया है। 

समाज की परिभाषा

डॉ. मोहन भागवत ने अपने address में समाज की परिभाषा को गहराई से समझाते हुए कहा कि समाज का मतलब है एक समान गंतव्य की ओर बढ़ने वाला समूह। भारतीय समाज की कल्पना हमेशा ऐसी रही है जहां जीवन भौतिक और आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर सुखी हो। हमारे ऋषि-मुनियों ने समझा कि existence एक है, सिर्फ देखने की दृष्टि अलग-अलग होती है। उनकी तपस्या से ही राष्ट्र का निर्माण हुआ, जो हमारा cultural foundation है। उन्होंने कहा कि कानून समाज को control कर सकता है, लेकिन इसे चलाने और जोड़कर रखने का काम सद्भावना ही करती है। विविधता के बावजूद एकता हमारी identity है। बाहरी रूप से हम अलग दिख सकते हैं, लेकिन राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के स्तर पर हम सब एक हैं। इसी विविधता में एकता को स्वीकार करने वाला समाज हिंदू समाज है। हिंदू कोई label नहीं, बल्कि एक स्वभाव है, जो मत, पूजा पद्धति या जीवनशैली पर झगड़ा नहीं करता।

सद्भावना का मतलब 

उन्होंने समाज में फैलाए जा रहे भ्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि जनजातीय और अन्य वर्गों को अलग बताकर तोड़ने की कोशिशें हो रही हैं, जबकि सच्चाई यह है कि हजारों वर्षों से अखंड भारत में रहने वाले सभी लोगों का DNA एक है। संकट के समय ही नहीं, बल्कि हर समय सद्भाव बनाए रखना जरूरी है। मिलना, संवाद करना और एक-दूसरे के कार्यों को जानना सद्भाव की पहली शर्त है। समर्थ को दुर्बल की help करनी चाहिए, तभी समाज मजबूत बनेगा। इन शब्दों में एकता की भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का गहरा संदेश छिपा है, जो आज के divided world में बहुत relevant लगता है।

बैठक में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने अपने कार्यों का presentation दिया, जो सद्भाव का जीवंत स्वरूप लगा। 
  • तेली साहू समाज से मेवा लाल साहू ने 1911 से घर वापसी और आर्थिक उन्नयन के efforts बताए। 
  • जैन मिलन के देवेन्द्र जैन ने पर्यावरण संरक्षण, गौशाला, स्वास्थ्य, रक्तदान और शिक्षा के क्षेत्रों की जानकारी दी। 
  • मीणा समाज से रामनिवास रावत ने प्रकृति संरक्षण और पौधारोपण पर बात की। 
  • यादव महासभा से कृष्णा संघर्ष यादव ने शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रयास साझा किए। 
  • सोंधिया राजपूत समाज से प्रताप सिंह सिसोदिया ने फिजूलखर्ची रोकने, सामूहिक विवाह, शिक्षा और जैविक खेती के बारे में बताया। 
  • डॉ. केशव पांडे ने 55 देशों में भारतीय कला-संस्कृति प्रचार और नदी पुनर्जीवन का जिक्र किया। 
  • रघुवंशी समाज से अमित रघुवंशी ने शिक्षा, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण पर फोकस किया। 
  • कायस्थ महासभा से सुनील श्रीवास्तव ने वैवाहिक सम्मेलन, रोजगार मेले और मंदिर जोड़ो अभियान बताया। 
  • जाटव समाज से रामावतार मौर्य ने नवचेतना, धर्मांतरण रोकने और सामाजिक अधिकारों पर बात की। 
  • माहेश्वरी समाज से रंजना बहेती ने ‘बेटी ब्याहो और बहू पढ़ाओ’ जैसे programs और महिला आत्मरक्षा का उल्लेख किया। 
  • राजपूत महापंचायत से अभय परमार ने सामाजिक आयोजन और शस्त्र लाइसेंस शिविरों की जानकारी दी। 
  • भार्गव समाज से मयंक भार्गव ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता और गोंडी भाषा संरक्षण के प्रयास साझा किए। 
ये सभी उदाहरण दिखाते हैं कि समाज कैसे अपने स्तर पर योगदान दे रहा है, और सद्भाव से राष्ट्र मजबूत होता है।

समापन में संकल्प लिया गया कि समाज अपनी समस्याओं का समाधान खुद करेगा, सरकार की प्रतीक्षा किए बिना। वक्ताओं ने कहा कि यह बैठक पूरे हिंदू समाज की है, उद्देश्य एक समाज, एक राष्ट्र को बलशाली बनाना। इस कार्यक्रम ने सद्भाव की भावना को नई ऊर्जा दी, जो आज के challenging times में बहुत जरूरी है।

इस न्यूज को अपने सोशल मीडिया पर शेयर करें और भोपाल समाचार को फॉलो करके latest updates से जुड़े रहें।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!