भोपाल समाचार, 30 जनवरी 2026: संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने समीक्षा बैठक में सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालयों एवं अपने जिले के अंतर्गत अन्य चिकित्सालयों का निरीक्षण सतत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आर.सी.एम पोर्टल में दर्ज उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्थिति पर सतत निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम में बच्चों के टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, जन्म के समय से ही बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी एवं डिस्चार्ज बच्चों पर लगने वाला टीका समय पर लग रहा है। इसकी जानकारी जिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ताओं से ली जानी चाहिए।
भोपाल संभाग के स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए कमिश्नर के निर्देश
संभागायुक्त श्री सिंह ने टीबी की बीमारी पर सभी कलेक्टरों से स्टे्टस रिपार्ट ली एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनकी दवाऐं एवं उनके स्वास्थ्य परीक्षण का विशेष ध्यान दिया जाना होगा। उन्होंने आयुष्मान योजना के शुरू से आज तक जानकारी प्राप्त की। सभी जिलों की उपलब्धियां संतोषजनक रही। उन्होंने वय वदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष या इससे से अधिक वर्ष के हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड की स्थिति की समीक्षा की और उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण स्तर मेडिकल एवं आशा कार्यकर्ताओं को उन्हें चिन्हित कर इस योजना की जानकारी दे।
सभी कलेक्टर जिला पोषण समिति की बैठक समय पर करें: कमिश्नर
संभागायुक्त श्री सिंह महिला बाल विकास भोपाल संभाग से जानकारी प्राप्त करते हुए सभी कलेक्टरों से जानकारी ली कि जिला पोषण समिति की माह दिसम्बर से अभी तक बैठक की या नहीं। इस पर कलेक्टरों ने आयुक्त महोदय को बताया कि समिति की बैठक समय पर ली जा रही है। आयुक्त ने मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत बच्चों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने पंजीकृत बच्चों की बीमारी एवं उनको समय पर दी जाने वाली दवाओं की जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने बच्चों की बीमारी और दवाओं / इंजेक्शन आदि उन्हें समय पर मिले इसके लिए दवाओं की उपलब्धता की जानकारी उनके भंडारण और वितरण पर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के लिए कलेक्टरों को निर्देशित किया। श्री सिंह ने मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्य के अंतर्गत 01 नवम्बर से 16 जनवरी 2026 तक कुल दर्ज गंभीर कुपोषित बच्चें में सामान्य पोषण स्तर में लाएं बच्चों की भी जानकारी प्राप्त की और सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि बच्चों का पंजीयन एवं उनके पोषण का ध्यान दिया जाना चाहिए और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले में आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करें।
3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित हो: कमिश्नर
संभागायुक्त श्री सिंह ने संचालक लोक शिक्षण भोपाल के अंतर्गत सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि 3 से 6 वर्ष के सभी बच्चों का आंगनबाड़ी या प्री-प्राइम विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने ड्राप आउट बच्चों की जानकारी ली और निर्देश दिए कि उन्हें पुन: शाला तक लाकर एडमिशन प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने बच्चों के स्कालरशिप, स्मार्ट क्लाश की जानकारी भी प्राप्त की। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि नियमित रूप से आश्रय शालाएं, कन्या शिक्षा परिसर, छात्रावास एवं आवासीय शिक्षण संस्थाओं का निरीक्षण करें और उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण करें। साथ अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति समय पर दिलवाया जाना सुनिश्चित करें।
क्रमांक/091/091 विजय/संतोष मिश्रा।

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