भोपाल, 6 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक परीक्षा 2025 के उम्मीदवारों द्वारा प्रदर्शन किया गया। लोक शिक्षण संचालनालय का घेराव किया गया। उनका कहना है कि, सरकारी स्कूलों में लाखों शिक्षकों की आवश्यकता है लेकिन भर्ती परीक्षा में रिक्त पदों की संख्या बहुत कम है। इसमें वृद्धि की जानी चाहिए।
सरकारी स्कूलों में ढाई लाख शिक्षकों की कमी
प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि, मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग सवा लाख से अधिक प्राथमिक शिक्षकों की, और एक लाख से अधिक माध्यमिक शिक्षकों की आवश्यकता है। कई सरकारी स्कूल तो ऐसे हैं जिनका संचालन करने के लिए एक नियमित शिक्षक भी नहीं है। पिछले कई सालों से अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करनी पड़ रही है। इसके कारण प्राथमिक स्तर पर ही शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। यह शिक्षा के अधिकार का अधिनियम, का उल्लंघन भी है। चयन परीक्षा में रिक्त पदों की संख्या कम होने के कारण हजारों योग्य उम्मीदवार शिक्षक बनने का सपना लिए ही ओवर ऐज हो जाते हैं।
आरक्षण पर सवाल
अभ्यर्थियों ने जनजातीय कार्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई विषयों में ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के लिए शून्य पद दर्शाए गए हैं, जिससे इन वर्गों के युवाओं में गहरी निराशा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है और इससे आरक्षण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें शिक्षक भर्ती वर्ग-2 के सभी विषयों में कम से कम 3-3 हजार पदों की वृद्धि, प्राथमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-3) में पदों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार करना, और द्वितीय काउंसिलिंग जल्द शुरू करना शामिल है। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की है कि जब तक शिक्षक भर्ती 2025 पद वृद्धि के साथ पूरी नहीं हो जाती, तब तक नई पात्रता परीक्षा आयोजित न की जाए।
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