भोपाल, 9 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी बंगलो पर कब्जा जमाए बैठे भाजपा नेताओं को बलपूर्वक निकल जाएगा। इनमें सबसे पहला नाम भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय प्रभात झा के परिवार का है। इस लिस्ट में डॉ नरोत्तम मिश्रा एवं अरविंद भदौरिया जैसे नाम भी हैं।
सरकारी बंगला खाली करो नहीं तो सामान फेंक देंगे
मध्य प्रदेश शासन में गृह विभाग के अंतर्गत संपदा संचालनालय द्वारा कई नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय प्रभात झा के परिवार (तुशमुल झा, प्रभात झा के पुत्र) का है। इसके अलावा शिवराज सिंह के नजदीकी पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह को भी नोटिस दिया गया है। सिर्फ नेताओं को नहीं बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों सहित सात अफसर को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सब को 13 जनवरी तक का समय दिया गया है। नोटिस में लिखा है कि, यदि इन्होंने सरकारी बंगले पर अपना अवैध कब्जा खाली नहीं किया तो बल प्रयोग किया जाएगा। तुशमुल झा, प्रभात झा के पुत्र का कहना है कि 2024 में पिता के देहांत के बाद सरकार की इच्छा व कृपा पर हम इस बंगले में रह रहे थे। हम खुद इस बंगले को खाली करना चाहते हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के दिन अधिकारियों को नोटिस दिया गया है उसमें श्री सुधीर कोचर, अदिति गर्ग, रत्नाकर झा और निधि सिंह का नाम है। इसके अलावा राज्य प्रशासनिक सेवा के श्री महिप तेजस्वी, श्री उमाकांत चौधरी एवं श्री मेहताब सिंह का नाम है। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी श्री सुधीर शाही को भी नोटिस दिया गया है।
इन नेताओं ने भी सरकारी बंगलो पर कब्जा कर रखा है
भोपाल की पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं शिवराज सिंह के नजदीकी अरविंद भदौरिया, सिंधिया समर्थक पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रभुराम चौधरी, सागर के बड़े नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह, मीना सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के बारे में उच्च स्तर से निर्णय लिया जाना है। कुछ नेताओं को पात्रता से उच्च स्तर का आवास मिला हुआ है। लेखक: शैलेंद्र पटेल।
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