भोपाल, 5 जनवरी 2026: पॉलिटिकल प्रोटेक्शन के चलते मछली परिवार को शुरू से ही विश्वास है कि, पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी और वह कानून की कमजोरी का फायदा उठाने में कामयाब हो जाएगा। इसका पहला उदाहरण देखने को मिला। पिछले 7 दिनों से यासीन मछली जेल में नहीं बल्कि अस्पताल में है। मेडिकल बोर्ड उसको सपोर्ट कर रहा है। सामान्य से यूरिन इन्फेक्शन की रिपोर्ट 7 दिन बाद भी नहीं दी गई है।
लड़कियों को नशे का शिकार बनाकर ब्लैकमेल करते थे
उल्लेखनीय है कि यासीन मछली, शहर के बड़े मछली कारोबारी शारिक मछली का भतीजा है और उस पर ड्रग तस्करी सहित गंभीर आरोप दर्ज हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच ने जुलाई माह में यासीन को एमडी ड्रग्स की तस्करी करते हुए उसके चाचा शाहवर मछली के साथ गिरफ्तार किया था। यासीन और शाहवर के खिलाफ दो युवतियों ने नशा कराकर दुष्कर्म करने तथा वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले भी दर्ज कराए हैं, जो भोपाल महिला थाना और एमपी नगर थाना क्षेत्र से संबंधित हैं।
कोर्ट के आर्डर पर हमीदिया अस्पताल में शिफ्ट किया गया
यासीन के अधिवक्ता ने उसकी बीमारी का हवाला देते हुए भोपाल जिला अदालत में जेल के बाहर बेहतर इलाज के लिए याचिका दायर की थी। इससे पहले यासीन को यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत के बाद जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अदालत के आदेश के बाद उसे हमीदिया अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
यासीन एक सप्ताह से हमीदिया अस्पताल में भर्ती
भोपाल केंद्रीय जेल के अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि यासीन की मेडिकल जांच लगभग पूरी हो चुकी है। मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट अदालत द्वारा मांगी गई थी, जो प्राप्त होते ही जिला अदालत में प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यासीन की हालत स्थिर है और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं है। यासीन पिछले एक सप्ताह से हमीदिया अस्पताल में भर्ती है।
भोपाल का मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट में देरी कर रहा है
जेल अधीक्षक ने यह भी बताया कि मेडिकल बोर्ड द्वारा पहले विस्तृत रिपोर्ट जेल प्रबंधन को उपलब्ध नहीं कराई गई थी, इसी कारण उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब सभी आवश्यक जांचें पूरी हो चुकी हैं और इस संबंध में न्यायालय को लिखित जानकारी भी दी जा चुकी है।
कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों को टारगेट करता था
बताया जाता है कि यासीन मछली भोपाल में एमडी ड्रग्स की तस्करी से जुड़ा एक बड़ा नेटवर्क संचालित करता था। आरोप है कि वह शहर के बड़े क्लबों, रेस्टोरेंट और शहर के बाहर स्थित फार्महाउसों में पार्टियां आयोजित करता था, जहां हाई-प्रोफाइल युवक-युवतियों को महंगे दामों पर नशा उपलब्ध कराया जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह युवतियों को नशे का आदी बनाकर उनका शोषण करता था और बाद में उन्हें ड्रग तस्करी के नेटवर्क में शामिल कर कॉलेजों तक अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति कराता था।
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