भोपाल समाचार, 14 जनवरी 2026: भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं भोपाल के कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह गजब करते हैं। BRCC नियुक्ति कांड में डीपीसी का आदेश निरस्त करके, इस गड़बड़ी की जांच डीपीसी को सौंप दी है।
टंटे की जड़
दरअसल, 12 जनवरी को कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह के हस्ताक्षर से जारी आदेश में बालेंद्र सिंह को बीआरसी फंदा ग्रामीण और रामकिशन गुर्जर को बीआरसीसी बैरसिया पदस्थ किया गया था। साथ ही डॉ. रूपाली को डीपीसी कार्यालय में एपीसी पद पर अटैच किया गया था। बाद में कलेक्टर को पता चला कि उन्होंने जो आदेश जारी कर दिया है वह नियम के विरुद्ध है। उसमें बड़ी गड़बड़ी हुई है। पता चलते ही 13 जनवरी को कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अपना ही आदेश रद्द कर दिया।
उनको बताया गया था जिसकी पुष्टि हुई कि रामकिशन गुर्जर ने खुद को बैरसिया बीआरसीसी पद पर पदस्थ कराने के लिए फाइल स्वयं पुटअप की, जबकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं है।डीपीसी ने भी बिना जांच फाइल आगे बढ़ा दी और कलेक्टर ने भी फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। बाद में स्पष्ट हुआ कि गुर्जर न तो बीआरसीसी पद के लिए पात्र थे और न ही 2022 की मेरिट सूची में उनकी स्थिति ऊपर थी।
भोपाल से बैरसिया में बीआरसीसी पद पर खुद की पोस्टिंग कराने के मामले में हुई गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद कलेक्टर ने अपने आदेश को निरस्त कर दिया, संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूरे मामले की जांच डीपीसी रवीश श्रीवास्तव को सौंपी दी। मजेदार बात यह है कि कलेक्टर ने अपनी प्राथमिक जांच में पाया कि DPC ने गंभीर अनियमितता करते हुए इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ाई गई, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता माना गया।
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