भोपाल समाचार, 23 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 26 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में संशोधन जारी किया है। बताया है कि राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, सीहोर के स्थान पर राजधानी में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगी।
कलेक्टर भोपाल, 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस समारोह ध्वजारोहण बाबत
मध्य प्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग से जारी किए गए संशोधन में लिखा है कि, "कृपया विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 21/01/2026 का अवलोकन करें। उक्त आदेश में राज्य शासन द्वारा आंशिक संशोधन करते हुए निर्णय लिया गया है कि श्रीमती कृष्णा गौर, माननीय राज्यमंत्री जिला सीहोर के स्थान पर भोपाल के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगी। (जयेन्द्र कुमार विजयवत) उप सचिव मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल।
भोपाल में गणतंत्र दिवस राज्य स्तरीय समारोह में ध्वज कौन फहराएगा
सामान्य प्रशासन विभाग के इस आदेश ने कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा कर दी है। "राज्यमंत्री जिला सीहोर के स्थान पर भोपाल के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगी।" से साउंड होता है कि, राजस्थानी कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य मंत्री होंगी। इसका मतलब हुआ कि राज्यपाल ध्वज नहीं फहराएंगे। इस मामले में जब हमने राज भवन से संपर्क किया तो पता चला कि, राज्यपाल महोदय ही परेड की सलामी लेंगे और ध्वज फहराएंगे। प्रोटोकॉल के तहत राज्य सरकार का एक मंत्री राज्यपाल महोदय के साथ उपस्थित होता है। इस प्रकार राज्य मंत्री, राज्यपाल के साथ उपस्थित रहेंगी।
जयेन्द्र कुमार विजयवत की योग्यता पर सवाल
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया यह आदेश, जयेन्द्र कुमार विजयवत, उप सचिव के हस्ताक्षर से जारी हुआ है। इसका तात्पर्य होता है कि, जयेन्द्र कुमार विजयवत ने पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़ लिया है एवं हस्ताक्षर किया। इस पत्र में दो बड़ी गलतियां हैं:-
1. पत्र के विषय में 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस समारोह ध्वजारोहण बाबत लिखा है। जबकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण नहीं होता। ध्वजारोहण को अंग्रेजी में Flag hoisting कहा जाता है और इसका संधि विच्छेद है ध्वज का आरोहण। यह 15 अगस्त को होता है जब देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी। गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर ध्वज पहले से ही अपने स्थान पर होता है। मुख्य अतिथि द्वारा केवल फहराया जाता है। यह उतनी ही गंभीर गलती है, जैसे ध्वज को उल्टा फहरा देना।
2. तीन लाइन के आदेश को इस प्रकार से लिखा गया है कि, रात 8:00 बजे, जबकि मीडिया का प्राइम टाइम होता है और सभी लोग व्यस्त होते हैं, कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई। आदेश में लिखी गई यह लाइन:-
"राज्यमंत्री जिला सीहोर के स्थान पर भोपाल के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगी।"
साउंड करती है कि राज्यपाल के स्थान पर सम्मिलित होंगी। जबकि यदि लिख दिया जाता कि,
" राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्यपाल महोदय के साथ राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर सम्मिलित होंगी।"
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