भोपाल समाचार, 29 जनवरी 2026: बॉलीवुड के बड़े पर्दे से लेकर वेब सीरीज तक, फलाहारी खिचड़ी से लेकर करोड़ों के स्टार्टअप तक, भारत के तमाम कॉलेजों के एंट्रेंस एग्जाम से लेकर भारत की सबसे कठिन परीक्षा UPSC तक भोपाल की बेटियों के प्रदर्शन ने हमेशा भोपाल को प्राउड फील कराया है। आज जब इंडियन आर्मी में जांबाज बेटियों की बारी आई तो एक बार फिर भोपाल की बेटियों ने बाजी मार ली। पूरे मध्य प्रदेश से जितनी बेटियां इंडियन आर्मी की अग्नि वीर सेवा के फिजिकल टेस्ट के लिए सिलेक्ट हुई है उनका 42% केवल भोपाल से है।
इंडियन आर्मी की अग्निवीर में जांबाज बेटियों पर भोपाल समाचार की स्पेशल रिपोर्ट
अब देश की सीमाओं की रक्षा केवल बेटों की जिम्मेदारी नहीं रही, बल्कि हमारी बेटियां भी सेना की वर्दी पहनने के जुनून के साथ मैदान में उतर चुकी हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बेटियां देश सेवा की राह पर अपना दमखम दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आगामी 23 फरवरी को कटनी का पुलिस परेड ग्राउंड इन जांबाज बेटियों के उत्साह और साहस का गवाह बनेगा।
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में MPCG की बेटियों का सिलेक्शन
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में भागीदारी सेना भर्ती कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार है जब इतनी अधिक संख्या में बेटियां सेना में शामिल होने के लिए शारीरिक परीक्षा देंगी। इस भर्ती प्रक्रिया में मध्य प्रदेश से 206 और छत्तीसगढ़ से 69 बेटियां अग्निवीर बनने के सपने को साकार करने के लिए दौड़ेंगी। यह न केवल उनके परिवारों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है कि हमारी बेटियां अब राष्ट्र रक्षा के सबसे कठिन मोर्चों पर खड़े होने का संकल्प ले चुकी हैं।
सुबह 6 बजे की कड़ाके की ठंड और अपनी बेटियों का हौसला
कठिन चुनौतियों को पार करने का जज्बा इन महिला अभ्यर्थियों को अपनी काबिलियत साबित करने के लिए 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। जो बेटियां इस दौड़ को साढ़े सात मिनट में पूरा करेंगी, उन्हें ग्रुप-एक में रखा जाएगा, जबकि साढ़े सात से आठ मिनट के बीच दौड़ पूरी करने वाली बेटियों को ग्रुप-दो में जगह मिलेगी। सुबह 6 बजे की कड़ाके की ठंड और रिपोर्टिंग समय के बावजूद, इन बेटियों का हौसला डिगने वाला नहीं है। शारीरिक परीक्षा में सफल होने के बाद इनका मेडिकल परीक्षण होगा और फिर मेरिट लिस्ट के आधार पर इनका चयन देश की सेवा के लिए किया जाएगा।
अग्निवीर कटनी फिजिकल में क्षेत्रवार बेटियों का प्रतिनिधित्व
• भोपाल 86
• रायपुर (छत्तीसगढ़): 69 बेटियां
• महू: 46 बेटियां
• जबलपुर: 44 बेटियां
• ग्वालियर: 40 बेटियां
कर्नल पंकज कुमार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली यह भर्ती प्रक्रिया देश की उन लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा है जो अपनी आँखों में तिरंगे का सपना संजोए हुए हैं। आज यह बेटियां साबित कर रही हैं कि यदि अवसर दिया जाए, तो वे न केवल घर बल्कि पूरे देश का मान बढ़ा सकती हैं। इन बेटियों की मेहनत और लगन को सलाम, जो अपने जुनून से भविष्य की पीढ़ी के लिए एक नई मिसाल पेश कर रही हैं।

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