बिज़नस न्यूज़ रिपोर्टर, 28 जनवरी 2026: भारत और यूरोपीय संघ के बीच में FTA - Free trade agreement; हिंदी में- मुक्त व्यापार समझौता, हो गया है। यह केवल सरकारों, नेताओं और बड़े कारोबारी की बात नहीं है। भारत के छोटे शहर में रहने वाला व्यापारी भी इस एग्रीमेंट का फायदा उठा सकता है। इस एग्रीमेंट के साथ एक नया बिजनेस आइडिया भी बनता है। यदि आप अपने लिए किसी नई बिज़नेस अपॉर्चुनिटी की तलाश कर रहे हैं, तो यह न्यूज़ आर्टिकल आपके लिए भी काम का हो सकता है। बस ध्यान से पढ़िए और अपने काम की बात खोज लीजिए:-
BHARAT EU FTA से भारत के किन व्यापारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा
इस एग्रीमेंट के कारण भारत के व्यापारी यूरोपियन कंट्रीज में अपने प्रोडक्ट और सेवाएं दे सकते हैं। एग्रीमेंट के तहत भारत से निर्यात होने वाली वस्तुओं पर यूरोप में टैक्स नहीं लगेगा। यानी कि यूरोप के नागरिकों को भारत की वस्तुएं और सेवाएं सस्ती दरों पर उपलब्ध हो जाएंगी। इसके कारण यूरोपीय देशों में भारतीय प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की डिमांड बढ़ जाएगी। भारत के कई क्षेत्र के व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा:
Labor-Intensive Sectors
कपड़ा, फैशन, लेदर, शूज, स्नीकर्स, जेम्स एंड ज्वेलरी के भारतीय व्यापारियों को डायरेक्ट बेनिफिट मिलेगा। आज से पहले तक यूरोप में इन प्रोडक्ट्स पर लगभग 26 प्रतिशत तक टैक्स लगता था। अब यह टेक्स नहीं लगेगा। यानी उपरोक्त श्रेणी के भारतीय प्रोडक्ट जो यूरोप में ₹10000 में बिकते थे, आज के बाद से ₹7400 में बिकेंगे। यूरोप के लोगों को 26% डिस्काउंट मिलेगा तो नेचुरल है कि वह भारतीय प्रोडक्ट ज्यादा खरीदेंगे।
New business opportunity
यदि आप कपड़ा, फैशन, लेदर, शूज, स्नीकर्स अथवा जेम्स एंड ज्वेलरी का बिजनेस प्लान कर रहे हैं तो अपने प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू कर दीजिए। यदि कोई नया बिजनेस करना चाहते हैं तो उपरोक्त श्रेणी में से किसी एक श्रेणी के बिजनेस करने की संभावना पर विचार कीजिए। करोड़ों रुपए के इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं होती। ₹500000 की इन्वेस्टमेंट से भी शुरू कर सकते हैं। किसी शोरूम या दुकान की जरूरत नहीं है। अपने घर से भी कर सकते हैं। आजकल अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करना बहुत आसान हो गया है। थोड़ी सी स्टडी कीजिए, इंटरनेट पर आपको बहुत सारा गाइडेंस मिल जाएगा। इसके बाद भी कोई सवाल हो तो बताना।
Agriculture and processed foods
चाय, कॉफी, मसाले, ताजी सब्जियां, फल, और समुद्री उत्पादों (जैसे झींगा और जमी हुई मछली) इत्यादि का बिजनेस भारत में वह लोग भी कर लेते हैं जिन्होंने हाई स्कूल तक की पढ़ाई नहीं की है। यदि आपने ग्रेजुएशन कर लिया है तो इसी बिजनेस को आप एक्सपोर्ट कर सकते हैं। यूरोप ने कहा है कि वह इस तरह के प्रोडक्ट को प्राथमिकता देंगे।
New business opportunity
इस कैटेगरी में भी बिल्कुल वही बिज़नेस अपॉर्चुनिटी है। जो ऊपर लिखी गई है। बस आपको अपने दिमाग में से या ख्याल निकाल देना है कि एक्सपोर्ट केवल बड़े कारोबारी ही कर सकते हैं। यह बहुत बड़ी बात होती है और इसकी कानूनी प्रक्रिया काफी जटिल होती है। क्योंकि अब सब कुछ आसान हो गया है। कई सारी एक्सपोर्ट एजेंसी ऐसी है जो आपकी दुकान से प्रोडक्ट ले जाते हैं और यूरोप में ग्राहक के घर पर डिलीवरी करने के बाद उससे पैसे लेकर आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं। भारत में हजारों लोग कर रहे हैं। आप भी बड़ी आसानी से कर सकते हैं।
Engineering and Chemical
इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स पर 22% और केमिकल्स पर लगभग 13% टैक्स लगता था। अब बिल्कुल नहीं लगेगा। भारत से इंजीनियरिंग और केमिकल प्रोडक्ट बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट होते हैं। जो लोग कल तक अमेरिका पर डिपेंड थे और उनकी नई पॉलिसी के कारण परेशान हो गए थे। उनके लिए तो जैसे जिंदगी वापस मिल जाने की उम्मीद है।
New business opportunity
इंजीनियरिंग और केमिकल्स इंडस्ट्री में बिजनेस शुरू करने के लिए 25 लाख से लेकर 1 करोड रुपए तक का इन्वेस्टमेंट हो सकता है। इस बिजनेस में इन्वेस्टमेंट थोड़ा ज्यादा है लेकिन प्रॉफिट उससे ज्यादा है। मेरी एडवाइस यह है कि केवल उन्हीं लोगों को करना चाहिए जिन्हें इस कैटेगरी का पहले से कोई एक्सपीरियंस हो। यदि आपके पास कोई एक्सपीरियंस नहीं है तो आपको ऐसी किसी कंपनी में पहले जॉब करके एक्सपीरियंस लेना चाहिए।
Services
IT/ITeS के मामले में तो भारत, दुनिया का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। आज भी यूरोप की कई कंपनियों के लिए, भारत की कंपनी आउटसोर्स करती हैं। यह केवल बेंगलुरु, मुंबई, गुरुग्राम और हैदराबाद की बात नहीं है। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन और रतलाम जैसे शहरों से भी IT/ITeS सर्विसेज एक्सपोर्ट की जा रही है। इसके अलावा भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और वकीलों के लिए भी यूरोप के दरवाजे खुल गए हैं। सबसे खुशी की बात है कि एजुकेशन और आयुष डॉक्टर के लिए भी यूरोप ने एक दरवाजे पर मोस्ट वेलकम लिख दिया है।
New business opportunity
IT/ITeS पर तो अपन डिस्कस कर ही चुके हैं। हो सकता है आपके शहर के आसपास कोई एग्जांपल भी हो। आप खुद विजिट करके देख सकते हैं। उनके मालिक शायद कुछ नहीं बताएं लेकिन एम्पलाई सब बता देंगे। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और वकील भी अपना फायदा उठा लेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि अब भारत के प्राइवेट स्कूल टीचर्स और लाखों Bed डिग्री होल्डर यूरोपीय देशों में, घर बैठे ऑनलाइन सेवाएं दे सकते हैं। आयुष डॉक्टर भारत के गांव में बैठकर यूरोपीय देशों की राजधानी में सेवाएं दे सकते हैं। विश्व गुरु जब बनेंगे तब बनेंगे, यूरोपीय देशों का गुरु बनने का टाइम आ गया है।
MSMEs के लिए विशेष प्रावधान:
झींगा और एल्युमीनियम उत्पादों के लिए विशेष कोटा निर्धारित किया गया है, जिससे छोटे उद्यमी गैर-मूल इनपुट प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए मशीनरी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में संक्रमणकालीन अवधि (transition period) दी गई है।
कुल मिलाकर, यह समझौता न केवल मौजूदा व्यापारियों के लिए मुनाफा बढ़ाने वाला है, बल्कि नए बिजनेस शुरू करने वालों को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का एक ठोस मंच प्रदान करता है।

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