Atithi Shikshak को कार्य मुक्त नहीं करने वाले प्रधानाध्यापक सस्पेंड

Updesh Awasthee
भोपाल, 6 जनवरी 2026
: अतिथि शिक्षक की आवश्यकता समाप्त हो जाने के बाद भी उसकी सेवाएं लेना और उसको कार्य मुक्त नहीं करना, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा एक गंभीर अपराध माना गया और इसके लिए जिम्मेदार प्रधान अध्यापक को सस्पेंड कर दिया। 

बीच सत्र में नियमित शिक्षक को प्रभार मिल गया था

यह मामला मैहर जिले का है। नया जिला होने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी सतना द्वारा कंट्रोल किया जाता है। शासकीय माध्यमिक शाला सोनाड़ी में सामाजिक विज्ञान विषय में अतिथि शिक्षक श्रीमती सोनल सोनी अक्टूबर 2023 से कार्यरत थीं। इसी दौरान नियमित शिक्षक उमाशंकर सोनी की 7 अक्टूबर 2023 को उच्च पद प्रभार में उसी विद्यालय में पदस्थापना हो गई और उन्होंने 9 अक्टूबर को कार्यभार ग्रहण कर लिया। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार, नियमित शिक्षक की पदस्थापना होते ही अतिथि शिक्षक को कार्यमुक्त किया जाना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

अतिथि शिक्षक श्रीमती सोनल सोनी फरवरी 2024 तक कार्यरत रहीं, लेकिन अनावश्यक सेवा के कारण उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। इस बात से प्रताड़ित होकर अतिथि शिक्षक श्रीमती सोनी ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई, जो 270 दिनों से अधिक समय तक लंबित रही। जांच में स्पष्ट हुआ कि प्रभारी प्रधानाध्यापक उमाशंकर सोनी ने अतिथि शिक्षक को कार्यमुक्त नहीं किया, जिससे एक ही विषय में दो शिक्षकों की पदस्थापना पूरे सत्र बनी रही। 

इससे न केवल प्रशासनिक विसंगति उत्पन्न हुई, बल्कि शासन को वित्तीय हानि का प्रकरण भी सामने आया। नोटिस के जवाब में संबंधित प्रधान अध्यापक द्वारा दिए गए तर्कों को विभाग ने अस्वीकार करते हुए इसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता माना है। इसके चलते उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया गया है। 

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