भोपाल, 31 दिसंबर 2025: मध्य प्रदेश सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री और इससे कहीं ज्यादा भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय स्तर के नेता श्री कैलाश विजयवर्गीय ने साल 2025 की आखिरी दिन, आखिरी घंटे में ऐसा बयान दिया है कि साल 2026 के पहले सप्ताह में पश्चिम बंगाल सहित पूरे भारत में भाजपा का घंटा बजता रहेगा।
कैलाश विजयवर्गीय मानसिक संतुलन खो बैठे
— Bhopal Samachar (@BhopalSamachar) December 31, 2025श्री कैलाश विजयवर्गीय भाजपा के वरिष्ठ नेता है और अक्सर मंच से सभ्यता और संस्कारों की बात करते हैं।मामला श्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र में, भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा पाइपलाइन में शौचालय का पानी मिलकर सप्लाई हो जाने के कारण अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती है। इस मामले में जब एनडीटीवी के पत्रकार श्री अनुराग द्वारा ने सवाल किया तो श्री कैलाश विजयवर्गीय तिलमिला उठे। उन्होंने पत्रकार श्री अनुराग द्वारा को छिड़कते हुए कहा, छोड़ो यार तुम फोकट के प्रश्न मत पूछो, जब पत्रकार ने कहा कि अब फोकट का प्रश्न नहीं है, तो श्री कैलाश विजयवर्गीय अपना मानसिक संतुलन खो बैठे। उन्होंने कहा कि क्या-क्या-क्या.. घंटा हो गया है। यह सुनते ही पत्रकार भड़क उठे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, कैलाश जी शब्दों का चयन ठीक प्रकार से कीजिए, तब उनको समझ में आया कि बड़ी गलती हो गई है।
गुरु मिर्ची तो चेला तीखी मिर्ची
कहानी यहीं पर खत्म नहीं हुई, जब श्री कैलाश विजयवर्गीय पत्रकार के सवालों से दूर भाग गए तो उनका चेला (स्थानीय पार्षद) कमल वाघेला पत्रकार को धमकाने लगा। कहने लगा कि श्री कैलाश विजयवर्गीय हमारे नेता है। आप उनसे अप्रिय सवाल नहीं पूछ सकते। जब पत्रकार ने चेलाजी को उनकी हैसियत बताई तो कि वह भी कैमरे की रेंज से गायब हो गई। चेलाजी इससे पहले अस्पताल में पुलिस के साथ भी झड़प कर चुके हैं।
घटना के लिए कैलाश विजयवर्गीय जिम्मेदार?
उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले के लिए श्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार बताया जा रहा है। शौचालय की पाइपलाइन के नीचे से नर्मदा की पाइपलाइन निकल रही है। इसमें लीकेज हो रहा था और सबको पता था। टेंडर की प्रक्रिया भी हो गई थी लेकिन टेंडर ओपन नहीं किए गए थे। श्री कैलाश विजयवर्गीय स्थानीय विधायक है और मध्य प्रदेश सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री भी है। यानी शुरू से लेकर आखिरी तक सारी पावर श्री कैलाश विजयवर्गीय के हाथ में ही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि श्री कैलाश विजयवर्गीय ने निर्धारित समय अवधि में टेंडर ओपन क्यों नहीं करने दिया। इसके पीछे उनका क्या उद्देश्य था?
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