Madhya Pradesh: मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बदलने का संकल्प दोहराया

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भोपाल, 3 दिसंबर 2025
: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बदलने का संकल्प दोहराया। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना से अधिक से अधिक अस्पतालों और डॉक्टरों को जोड़ा जाए, ताकि हर गरीब को मुफ्त इलाज का लाभ मिले। अभी तक योजना से बाहर रहने वाले निजी अस्पतालों और डॉक्टरों को प्रोत्साहित करके इसमें शामिल किया जाए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्राइवेट डॉक्टर कॉल पर आएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन डॉक्टरों की पढ़ाई का खर्च सरकार ने उठाया है, उन बॉन्ड वाले डॉक्टरों को प्रदेश में ही सेवा देने के लिए तैयार किया जाए, खासकर जनजातीय और दूरदराज के इलाकों में। इसके लिए उन्हें आकर्षक मानदेय दिया जाएगा। जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर इनकी भर्ती के नियम बदल दिए जाएंगे। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने के लिए निजी डॉक्टरों को भी कॉल पर बुलाने और अच्छा मानदेय देने की व्यवस्था होगी।

मध्य प्रदेश के एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सरकारी और निजी मिलाकर अब 52 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में नए मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन जल्द होगा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी है। सभी संभाग मुख्यालयों में 2028 तक कैथ लैब स्थापित करने और मातृ मृत्यु दर को 100 प्रति लाख तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

मध्य प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों को ₹1 में सरकारी जमीन

पिछले दो साल में 84 हजार से ज्यादा हृदय सर्जरी सरकारी अस्पतालों में बहुत कम खर्च में हुईं। मां-बच्चे की मौत के आंकड़े कम हुए हैं। सिकल सेल जांच में प्रदेश देश में नंबर-1 रहा। भोपाल-इंदौर में कैथ लैब शुरू, कई मेडिकल कॉलेजों में MRI, CT स्कैन और रेडियोथेरेपी की नई मशीनें आ रही हैं। निजी निवेशकों को अस्पताल बनाने के लिए एक रुपये में जमीन देने की अनोखी योजना से मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

बेवजह सीजेरियन और 108 एम्बुलेंस सेवा से मुख्यमंत्री नाराज

मुख्यमंत्री ने निजी अस्पतालों में बेवजह सीजेरियन और 108 एम्बुलेंस द्वारा मरीजों को जबरन निजी अस्पताल ले जाने की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।

सफलताएं: मेडिकल कॉलेजों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, सस्ता और अच्छा इलाज, नए अस्पताल और मशीनें, डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की मजबूत तैयारी, मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी, देश में कई क्षेत्रों में टॉप परफॉर्मेंस।

चुनौतियां: निजी अस्पतालों में गलत प्रैक्टिस की शिकायतें, एम्बुलेंस का दुरुपयोग, बॉन्ड डॉक्टरों को रोकने में अभी चुनौतियां और फील्ड स्तर पर कुछ कर्मियों में संवेदनशीलता की कमी।
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