MADHYA PRADESH शिक्षक कॉग्रेस की प्रान्तीय बैठक ग्वालियर में

Updesh Awasthee
ग्वालियर, 23 दिसंबर 2025
: मध्यप्रदेश के शिक्षक लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, और इन मुद्दों को लेकर अब बड़ा कदम उठने वाला है। ग्वालियर में 25 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस की प्रांतीय बैठक होने जा रही है, जहां पूरे प्रदेश के शिक्षक एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

टाइम एंड वेन्यू

यह बैठक दोपहर 12 बजे से बडा पार्क, अर्नव ग्रीन सिटी, जलालपुर रोड, सागरताल चौराहा के पास आयोजित की जाएगी। प्रांतीय अध्यक्ष सतीश शर्मा की अध्यक्षता में और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह परमार की उपस्थिति में यह मीटिंग होगी। ग्वालियर जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र रावत और संभागीय अध्यक्ष तुलसी रावत ने बताया कि प्रदेश भर से करीब 800 से ज्यादा पदाधिकारी और शिक्षक इसमें शामिल होंगे।

बैठक एजेंडा

मुख्य एजेंडा उन समस्याओं पर गंभीर चर्चा करना है जो शिक्षकों को रोज परेशान कर रही हैं। जैसे ई-अटेंडेंस की वजह से ग्वालियर जिले में ही नवंबर महीने का वेतन रोका या काटा जाना, वचन पत्र भरवाकर ही पेमेंट करना। हमारे शिक्षक ऐप में तकनीकी दिक्कतें हैं, नेटवर्क इश्यू हैं, लेकिन बिना उन्हें ठीक किए जबरन ई-अटेंडेंस लगवाना। कई जगहों पर शिक्षकों को छत पर चढ़कर या दूर जाकर हाजिरी लगानी पड़ रही है, फिर भी वेतन कट जाता है। इसके अलावा लंबे समय से पेंडिंग क्रमोन्नति एरियर्स, पहली नियुक्ति से सीनियरिटी, नए संवर्ग के तीन साल पूरे होने के बाद भी नियमितीकरण न होना, ये सब मुद्दे बैठक में उठाए जाएंगे।

नेताओं की अपील

नेताओं ने अपील की है कि सभी शिक्षक इस कार्यक्रम में जरूर आएं और अपनी समस्याओं के हल में योगदान दें। ग्वालियर संभागीय अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह कुशवाह, शिवपुरी के धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, गुना के निर्भय सिंह परिहार, मुरैना के नरेंद्र सिंह तोमर, दतिया के बलवीर सिंह तोमर, श्योपुर के प्रभूदयाल राजपूत, भिंड के अवनीश भदौरिया और महिला प्रकोष्ठ की नीलम शाक्य समेत कई पदाधिकारियों ने शिक्षकों से कहा कि अपनी भागीदारी से इस बैठक को सफल बनाएं।

शिक्षकों की ये परेशानियां सिर्फ ग्वालियर तक सीमित नहीं हैं। पूरे मध्यप्रदेश में ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर विवाद चल रहा है। कई जिलों जैसे सतना, खंडवा, दमोह में नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से वेतन कटौती हो रही है, और शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया है। कुछ जगहों पर कारण बताओ नोटिस निरस्त भी किए गए हैं ताकि पूरा वेतन मिल सके। अतिथि शिक्षकों के लिए भी ई-अटेंडेंस अनिवार्य होने से असमानता की शिकायतें आ रही हैं। क्रमोन्नति और एरियर्स के मुद्दे पर भी सरकार से जल्द फैसला की उम्मीद है, क्योंकि शिक्षक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।

यह बैठक शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है कि उनकी मांगें सरकार तक मजबूती से पहुंचें। उम्मीद है कि यहां से ठोस रास्ता निकलेगा और इन समस्याओं का जल्द हल हो जाएगा। 

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