INDORE NEWS: नर्मदा लाइन में शौचालय का पानी, 3 की मौत, 35 भर्ती, हेल्थ सर्वे में 1000 से ज्यादा प्रभावित मिले

Updesh Awasthee
इंदौर, 30 दिसंबर 2025
: भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के नाम पर आज कलंक लग गया। नर्मदा लाइन में शौचालय का पानी मिक्स हो गया। इसके कारण 1000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य की समस्या हुई। तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 35 लोग अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर का कहना है कि लोगों की मृत्यु का कारण दूषित पानी या संक्रमित पानी नहीं है। वह सब लोग पहले से ही बीमार थे। 

भागीरथपुरा घटना का विवरण

इंदौर की लोकल रिपोर्ट्स के अनुसार शहर के भागीरथपुरा में यह मामला सामने आया है। यहां 150 से ज्यादा लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत हुई। इनमें से कुछ लोगों की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो वह अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर में सबसे पहले बताया कि फूड प्वाइजनिंग हुई है। अलग-अलग घरों में, अलग-अलग लोगों को एक साथ पूरी प्वाइजनिंग होना अजीब बात थी। पूछताछ की तो एक कॉमन पॉइंट मिला। सभी लोगों ने नर्मदा पाइपलाइन का पानी पिया था। इलाज करवाने आए कुछ लोगों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें भर्ती कर लिया गया। ऐसे लोग जो पहले से बीमार थे अथवा जिनकी इम्यूनिटी कमजोर थी, उन पर ज्यादा प्रभाव देखा गया। इनमें से तीन लोगों की मृत्यु हो गई और 35 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती है।

नर्मदा लाइन से ध्यान हटाने की कोशिश

जैसे ही यह बात सामने आई, डॉक्टर के स्टेटमेंट बदल गए। अब डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों की मृत्यु हुई है वह सब पहले से ही बीमार थे। वह पानी पीने के कारण नहीं बल्कि अपनी बीमारी के कारण मरे हैं। दरअसल, डॉक्टर आधा सच छुपा रहे हैं। जो लोग स्वस्थ थे, जिनकी इम्यूनिटी पावर अच्छी है उनको कुछ नहीं हुआ। जो थोड़े कमजोर से उनको उल्टी दस्त हुई। जो अधिक कमजोर हैं वह अस्पताल में भर्ती है और जो बीमार थे, उनकी मृत्यु हो गई लेकिन यह स्थिति पानी पीने के कारण बनी। 

टेक्निकल फॉल्ट पकड़ा गया, ताबड़तोड़ रिपेयरिंग शुरू

इधर तकनीकी गड़बड़ी पकड़ ली गई है। भागीरथपुरा में चौकी के नजदीक शौचालय के नीचे में लाइन में लीकेज मिला है। इसके ठीक नीचे से नर्मदा लाइन गुजर रही है। लोगों का कहना है कि यहीं पर शौचालय का पानी नर्मदा पाइपलाइन में चला गया। जिसको पीने के कारण लोगों की मौत हो रही है। इससे पहले के मामले की जांच हो और आरोप प्रमाणित हो जाए, लाइन की रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया गया है। 

विजयवर्गीय अस्पताल पहुंचे

इस मामले की जानकारी मिलते ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मरीज से मिलने के लिए अस्पताल पहुंच गए। वह स्वयं सुनिश्चित कर रहे हैं कि बीमार लोगों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। 

बैक्टीरियल इन्फेक्शन का प्रतीत होता है: महापौर 

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने क्षेत्र का दौरा करने के बाद बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बैक्टीरियल इन्फेक्शन का प्रतीत होता है, जिसके कारण क्षेत्र में कई लोगों को उल्टी-दस्त एवं लूज मोशन की शिकायत हुई है।महापौर ने जानकारी दी कि बीते कुछ दिनों में 70 से अधिक रहवासियों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 30–35 लोग उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि शेष 30–35 लोग अस्पतालों में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उन्होंने रात में अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों का हालचाल भी जाना तथा चिकित्सकों से चर्चा की। डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमण के कारण ही लोगों में उल्टी-दस्त की समस्या देखी जा रही है।

भागीरथपुरा में डोर टू डोर हेल्थ सर्वे 

डॉ. माधव प्रसाद हासानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला-इन्दौर, ने प्रेस को जानकारी दिए कि, भागीरथपुरा में उल्टी दस्त के प्रकरण के संज्ञान में आने के बाद से जिलाधीश इंदौर द्वारा दिए गये निर्देशानुसार स्वास्थ विभाग द्वारा सतत् उपचार की प्रकिया जारी है। भागीरथपुरा की चौदह गलियों में प्रत्येक घर में डॉक्टर व पैरामेडिकल द्वारा जांच व उपचार किया गया। गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस द्वारा अस्पतालो में रैफर किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता द्वारा घर घर जाकर क्लोरिन, जिंक की टेबलेट एवं ORS के पैकेट वितरित किए जा रहे है। आशा मेगा माइकिंग द्वारा लक्षण होने पर तुरंत उपचार हेतु स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचने, उबला पानी पीने एवं बाहर का भोजन व बाहर के कटे फल न खाने की समझाइश भी दे रही है। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी दावा करते हैं कि, स्वास्थ्य का अमला प्रभावित क्षेत्र में उपस्थित है। 4 एम्बुलेंस प्रभावित क्षेत्र में तैनात है। शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत 14 डॉक्टर एवं 24 MPW एवम् पेरामेडिकल स्टाफ उपस्थित है। इस कार्य में MYH के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक भी मदद कर रहे है। रात्रि में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई तथा 4 एम्बुलेंस तैनात की गई है।

CMHO INDORE अपने बयान में दावा करते हैं कि, 2703 घरों का सर्वे किया गया जिसमें लगभग 12000 लोगों की जांच की गई जिस में से लगभग 1146 मरीजों को वही स्थल पर प्राथमिक उपचार दिया गया। 
111 लोग अस्पतालों में भर्ती है जिसमे 18 स्वस्थ होकर घर लौट आये है।

निष्कर्ष:- CMHO डॉ. माधव प्रसाद हासानी की रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि भागीरथपुरा में 1146 लोगों को उल्टी दस्त की समस्या हुई है, जो कि दूषित पानी पीने से होती है। सरकारी रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि अस्पताल में 35 नहीं बल्कि 111 लोग भर्ती हुए थे। अभी भी 90 से ज्यादा लोग भर्ती हैं। 
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!