भोपाल, 16 नवंबर 2025: मध्यप्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को गति देने के लिए चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को दिल्ली से आयोजित वर्चुअल रिव्यू मीटिंग में मध्य प्रदेश राज्य के जिलों के कलेक्टरों को शामिल किया गया, जहां भोपाल समेत सात जिलों की कमजोर performance पर नाराजगी जाहिर की गई। आयोग की मध्यप्रदेश प्रभारी और डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना तथा सचिव विनोद कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि डिजिटाइजेशन का काम समयबद्ध तरीके से पूरा हो, ताकि चुनावी तैयारियां सुचारू रहें।
शहडोल कलेक्टर केदार सिंह का परफॉर्मेंस सबसे खराब
बैठक में सबसे पहले शहडोल जिले की खराब performance पर कलेक्टर केदार सिंह को फटकार लगाई गई। इसके बाद भोपाल, इंदौर, गुना, भिंड, उमरिया और अनूपपुर के कलेक्टरों को भी धीमी progress रिपोर्ट के कारण आयोग की ओर से कड़ी नाराजगी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम SIR प्रक्रिया को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो वोटर लिस्ट की सटीकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शहडोल, भोपाल, इंदौर, गुना, भिंड, उमरिया और अनूपपुर सबसे पीछे
चुनाव आयोग ने सभी संबंधित जिलों को तत्काल सुधार के लिए टारगेट दिए हैं, जिसमें डिजिटल अपडेट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि आगामी चुनावों की पारदर्शिता को भी मजबूत करेगी। जिला प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वे इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करेंगे।
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