भोपाल, 17 नवंबर। मध्य प्रदेश के शिक्षक बनने के इच्छुक हजारों युवाओं ने आज राजधानी के नीलम पार्क में एकजुट होकर सरकार को खुला अल्टीमेटम दिया है। हर जिले से आए लगभग 10-12 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने शांतिपूर्ण लेकिन सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती-2025 में पदों की संख्या में भारी बढ़ोतरी नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में बड़ा और उग्र आंदोलन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि हाल ही में हुई परीक्षा में पदों की संख्या इतनी कम रखी गई कि लाखों की मेहनत के बावजूद अधिकांश योग्य कैंडिडेट्स चयन से बाहर हो गए। उम्मीदवारों का कहना है कि शिक्षा विभाग में असल में हजारों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन घोषित वैकेंसी बेहद लिमिटेड होने से योग्य युवा निराश हैं।
उम्मीदवारों की प्रमुख डिमांड्स कुछ इस प्रकार हैं
- वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) के सभी सब्जेक्ट्स – चाहे हिंदी, इंग्लिश, मैथ्स, साइंस या फिर कला, संगीत, खेलकूद – हर सब्जेक्ट में कम से कम 3000-3000 अतिरिक्त पद बढ़ाए जाएं।
- वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) की वैकेंसी को सीधे 25,000 तक ले जाया जाए।
अभ्यर्थियों ने ज्ञापन में मुख्यमंत्री के शिक्षा सुधार के प्रयासों की सराहना करते हुए अपील की है कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं को मौका देने के साथ-साथ प्रदेश की स्कूल एजुकेशन क्वालिटी को भी बूस्ट मिलेगा, अगर वैकेंसी बढ़ाई जाती है।
फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और आश्वासन दिया है कि मांगों को ऊपर तक पहुंचाया जाएगा। लेकिन उम्मीदवारों ने साफ कर दिया है, टाइम बहुत कम है, जल्द फैसला नहीं हुआ तो सड़क से सदन तक आवाज बुलंद होगी।
शिक्षक भर्ती के इस मुद्दे पर अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। रिपोर्ट: कपिल प्रजापति।
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