जबलपुर, 13 नवंबर 2025: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ग्वालियर में मीडिया पर प्रतिबंध के संबंध में एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 16 नवंबर को प्रस्तावित अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन के प्रचार से संबंधित समाचारों का प्रदर्शन एवं प्रकाशन नहीं किया जाएगा।
याचिकाकर्ता डॉ. पी.जी. नाज पांडे हैं, जिनका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संजय अग्रवाल के साथ श्री अर्पित अग्रवाल और सुश्री अंकिता सिंह परिहार ने किया। उन्होंने मध्य प्रदेश शासन, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन को प्रतिवादी बनाया। याचिकाकर्ता का मुख्य तर्क यह है कि ग्वालियर में आम लोगों के जीवन और संपत्ति को खतरा है। यह खतरा प्रतिवादी क्रमांक 5, जो उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हैं, द्वारा 16.11.2025 को 'अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन' के आह्वान से उत्पन्न हुआ है, जिसकी सूचना एक मीडिया रिपोर्ट से मिली है। याचिकाकर्ता ने वर्ष 2018 में हुए विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख किया, जो एक गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति का कारण बने थे और जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे भी प्रभावित हुए थे। उस समय भी प्रतिवादी क्रमांक 5 ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। दोनों घटनाओं में प्रतिवादी क्रमांक 5 की संलिप्तता स्थापित करके, याचिकाकर्ता ने एक व्यवहार पैटर्न पर आधारित एक सम्मोहक तर्क प्रस्तुत किया, जिससे न्यायिक हस्तक्षेप की तात्कालिकता बढ़ गई। याचिकाकर्ता ने निष्कर्ष निकाला कि वर्तमान आह्वान से भी कानून-व्यवस्था पर वैसा ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की प्रबल संभावना है।
इन्हीं तर्कों के आधार पर, याचिकाकर्ता ने न्यायालय से तत्काल कार्रवाई हेतु कुछ विशिष्ट अंतरिम राहतों की मांग की।
1. कानून-व्यवस्था का संरक्षण: राज्य/प्रतिवादियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाए कि प्रतिवादी क्रमांक 5 द्वारा 16 नवंबर 2025 के लिए किए गए आह्वान के कारण आम लोगों के जीवन और संपत्ति को कोई खतरा न हो।
2. मीडिया पर प्रतिबंध: प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को उक्त आह्वान को प्रचारित न करने का निर्देश दिया जाए।
3. प्रतिमा की स्थापना: ग्वालियर स्थित उच्च न्यायालय परिसर में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना के संबंध में निर्देश।
याचिकाकर्ता की इन मांगों पर विचार करते हुए, न्यायालय ने अपनी ओर से तत्काल प्रभाव से कुछ अंतरिम आदेश जारी किए।
5.0 न्यायालय का अंतरिम आदेश एवं निर्देश
याचिकाकर्ता द्वारा उठाई गई चिंताओं की गंभीरता को स्वीकार करते हुए, न्यायालय ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और मीडिया नैरेटिव को नियंत्रित करने के दोहरे उद्देश्य से एक अंतरिम आदेश जारी किया। इस खंड में न्यायालय द्वारा पूर्ण सुनवाई लंबित रहने तक जारी किए गए विशिष्ट निर्देशों का विवरण दिया गया है।
प्रतिवादी क्रमांक 1 मध्य प्रदेश शासन को निर्देश: राज्य को कानून और व्यवस्था बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि आम लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा हो तथा ग्वालियर शहर में कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो।
कलेक्टर ग्वालियर को निर्देश: ग्वालियर के कलेक्टर को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, विशेष रूप से स्थानीय मीडिया को, अगली सुनवाई तक प्रतिवादी क्रमांक 5 के आह्वान और संबंधित मुद्दों के बारे में कोई भी समाचार प्रकाशित न करने का निर्देश देने का आदेश दिया गया।
इन तात्कालिक निर्देशों के अलावा, न्यायालय ने मामले की व्यवस्थित प्रगति के लिए प्रक्रियात्मक कदम भी निर्धारित किए।
प्रतिवादी क्रमांक 5, 6, और 7 को नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब देने की अगली तारीख 3 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई।

