BHOPAL NEWS: अरेरा कॉलोनी में शराब की दुकान के लिए आर्य समाज मंदिर हटाया जाएगा?

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक और विषम स्थिति बन गई। अरेरा कॉलोनी में, आर्य समाज मंदिर के पास, रेजिडेंशियल प्लॉट पर शराब की दुकान खोल दी गई। जब लोगों ने इसका विरोध किया तो कलेक्टर की प्रतिनिधि सीईओ ईला तिवारी ने आर्य समाज मंदिर को ही अवैध बता दिया। इसका मतलब है कि शराब की दुकान के लिए आरे कॉलोनी का आर्य समाज मंदिर हटाया जाएगा? 

रेजिडेंशियल प्लॉट पर शराब की दुकान कैसे खुल सकती है? 

आज मंगलवार को पूरे प्रदेश के साथ भोपाल में भी जनसुनवाई हुई। जैसा कि अक्सर होता है, इस बार भी कलेक्टर कार्यालय में जनता की सुनवाई के लिए कलेक्टर मौजूद नहीं थे। उन्होंने अपने स्थान पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी इला तिवारी को जनता की सुनवाई के लिए नियुक्त कर दिया था। कांग्रेस नेता और अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी ने शिकायत की। त्रिपाठी ने बताया कि अरेरा कॉलोनी में जिस जगह (भूखंड E-4/21) पर शराब दुकान संचालित हो रही है, वह पूरी तरह से आवासीय उपयोग के लिए है, लेकिन वर्तमान में इसका कमर्शियल तरीके से उपयोग हो रहा है, जो पूरी तरह मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 एवं नगर निगम अधिनियम 1956 का उल्लंघन है।

आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 40 मीटर की दूरी पर शराब की दुकान खोल दी 

रहवासी त्रिपाठी ने बताया, स्थानीय लोग लगातार 7 माह से जिला प्रशासन, नगर निगम, आबकारी विभाग और मानव अधिकार आयोग तक शिकायतें दर्ज कर चुके हैं। बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया, यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में शराब दुकान के 40 मीटर की दूरी पर स्थित आर्य समाज मंदिर को मंदिर मानने से ही इनकार कर दिया। आखिर ऐसा क्यों किया गया? किसके दबाव में रिपोर्ट को प्रभावित किया गया और कार्रवाई रोकी गई?

आर्य समाज मंदिर अवैध है 

जिला पंचायत की जनसुनवाई को छोड़कर, कलेक्टर के स्थान पर जनता की सुनवाई करने के लिए बैठी जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ईला तिवारी ने अरेरा कॉलोनी के लोगों को बताया कि, प्रशासन द्वारा जांच करवाई गई थी। जांच अधिकारियों ने बताया है कि अरेरा कॉलोनी कार्य समाज मंदिर अवैध है। 

सिर्फ एक सवाल

यदि आरे कॉलोनी में आर्य समाज का मंदिर अवैध है तो फिर अब तक संचालित कैसे हो रहा था। अब जबकि जांच में स्पष्ट हो गया है कि आर्य समाज का मंदिर अवैध है तो क्या उसको हटा दिया जाएगा? बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी? या फिर शराब की दुकान के खिलाफ शिकायतों को बंद करवाने के लिए आर्य समाज मंदिर को अवैध बताया जा रहा है? मंदिर का जो भी हो लेकिन रेजिडेंशियल प्लॉट पर शराब की दुकान जरूर अवैध है। प्लॉट के मालिक, आबकारी विभाग के अधिकारी और शराब के ठेकेदार, तीनों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।
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