मुख्यमंत्री, मुंबई से 7000 नौकरियों का इंतजाम करके लौटे - INVEST MP

Updesh Awasthee
मुंबई, 9 अक्टूबर 2025
: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां उद्योग जगत के दिग्गजों के बीच निवेश की अनंत संभावनाओं का खाका खींचा। मुंबई की आर्थिक राजधानी में आयोजित "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड व्हाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" में सीएम ने महाराष्ट्र के उद्यमियों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया। इस सत्र के दौरान रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 19,900 करोड़ रुपये से अधिक और अन्य सभी सेक्टर्स में 54,400 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव हासिल हुए, कुल मिलाकर 74,300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। इन प्रस्तावों से करीब 7,000 नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक संबंध बताए

डॉ. यादव ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत बनाने के लिए इस साल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई पॉलिसीज लॉन्च की गईं। "सरलीकृत व्यवस्थाओं से निवेश तेज गति से आ रहा है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश प्रगति के जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत में शिवाजी महाराज, सिंधिया, होल्कर और पवार जैसे नायकों ने भारतीय समाज को मजबूत किया। उज्जैन के बाबा महाकाल की ध्वजा में भी शिवाजी महाराज का योगदान है," उन्होंने ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए निवेश का अनुरोध किया।

पिछले सुझावों को नई इंडस्ट्रियल पॉलिसीज में शामिल किया

सत्र का मुख्य फोकस नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग जोन फॉर पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के फेज-2 पर था। भूमि आवंटन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2025 है। सीएम ने बताया कि पिछली मुंबई यात्रा में मिले सुझावों को नई इंडस्ट्रियल पॉलिसीज में शामिल किया गया है। 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' के तहत टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फूड पार्क्स और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स पेश किए गए।

मुख्यमंत्री ने दिन भर में कितना काम किया

कार्यक्रम में मुंबई और आसपास के 400 से ज्यादा टॉप इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और एसोसिएशंस के प्रतिनिधि शरीक हुए। फोकस सेक्टर्स में रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी, व्हाइट गुड्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, टूरिज्म, फिल्म टूरिज्म और लॉजिस्टिक्स शामिल थे। दो राउंडटेबल मीटिंग्स आयोजित हुईं - एक डिप्लोमैट्स के साथ द्विपक्षीय ट्रेड और एफडीआई पर, दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स के साथ जोन के फेज-2 में निवेश पर। इसके अलावा, 20 से ज्यादा वन-टू-वन मीटिंग्स में टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मास्यूटिकल्स और कॉस्मेटिक्स ग्रुप्स ने गहरी रुचि दिखाई।

वैल्युएबल अटेंडेंस

सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी, सीआईआई चेयरमैन नील सी. रहेजा, ईसीजीसी के सीएमडी सृष्टिराज अंबष्ठा, हिंडाल्को के एमडी सतीश पाई, हेत्तिच के एमडी आंद्रे एकहोल्ट, आईपीसीए लैब के एमडी एंड सीएफओ अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के वाइस चेयरमैन रविकांत कपूर जैसे प्रमुख नाम मौजूद रहे।

समापन में डॉ. यादव ने कहा, "मुंबई सपनों का शहर है, जो आज मध्यप्रदेश की विकास आकांक्षाओं का साक्षी बन रहा है। यह संवाद महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश के बीच नई इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप की शुरुआत है। निवेशक अब स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस चाहते हैं, और हम हर पैमाने पर खरे उतर रहे हैं। पीएम मोदी के विकसित भारत@2047 विजन के साथ हम निवेशकों को आमंत्रित करते हैं।" प्रदेश सरकार इन प्रस्तावों को ग्राउंड पर उतारने के लिए कमर कस चुकी है, ताकि युवाओं को रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिले।

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