अभियान एक पेड़ मां के नाम में मां से तात्पर्य अपनी मां से नहीं धरती माता से है: कप्तान सिंह सोलंकी

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भोपाल
- सृष्टि सेवा संकल्प, जिला भोपाल इकाई द्वारा 07 सितम्बर 2025 रविवार को “माता भूमि पुत्रोहम पृथ्वीया" विषय पर “प्रबुद्धजन संगोष्ठी” का आयोजन सरदार पटेल सभागार पॉलीटेक्निक कॉलेज, भोपाल में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा वृक्षपूजन, गुरु अथर्ववेद पूजन व दीप प्रज्वलन कर सरस्वती वंदना के साथ किया गया एवं कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मान. श्री कप्तान सिंह जी सोलंकी पूर्व राज्यपाल हरियाणा पंजाब त्रिपुरा एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यवक्ता के रूप में श्री अजातशत्रु जी श्रीवास्तव से. नि. आई ए एस एवं राष्ट्रीय संरक्षक सृष्टि सेवा संकल्प उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि सृष्टि सेवा संकल्प के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री प्रशांत जी गुप्ता का सानिध्य प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का संचालन डॉ एस के जैन जी ने, सरस्वती वंदना कु पारुल सोनी दीदी ने, संगठन गीत सूरज सिंह जी राजपूत ने, कार्यक्रम की प्रस्तावना सचिन जी शर्मा ने व आभार सुशील जी कैथल ने प्रकट किया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए सृष्टि सेवा संकल्प के प्रदेश संयोजक श्री सचिन जी शर्मा ने बताया कि भोपाल जिला इकाई पर्यावरण के क्षेत्र में जन जागरण को लेकर विगत 2 वर्षों से पर्यावरण संगोष्ठी, रामलला बीजारोपण कार्यक्रम, वृक्षारोपण, प्रदेशिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग, पर्यावरण संरक्षण पर प्रदर्शनी, पितरों को तर्पण-वृक्षारोपण अभियान, वृक्ष दीपावली व वृक्ष रक्षाबंधन जैसे वृक्षउत्सव, परिवार मिलन, वन संचार कार्यक्रम, विश्रामघाट में वृक्षारोपण व श्रम साधना, पहलगाम में हुए शहीदों की स्मृति में पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण को लेकर जन जागरण रैली आदि कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम के मुख्यवक्ता श्री अजातशत्रु जी ने बताया कि हमारे ऋषियों ने बताया हमारा प्रकृति के साथ माँ का संबंध है( माता भूमि पुत्रोहम पृथ्वीया)। भारतमाता की जय का सही अर्थ यही है कि हम पृथ्वी को माता मानते हैं, हमें धरती से भावनात्मक रूप से जुड़ना होगा, यह तभी संभव है जब हम सादगीपूर्ण और स्थानीय जीवन शैली अपनाएं, शोषक नहीं संरक्षक बने, उपभोगी नहीं उपासक बनेंगे। स्वर्णयुग लाना है तो हमें समाज की सोच बदलना होगी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कप्तान सिंह सोलंकी जी ने बताया कि वेदों के अनुसार जीवन पद्धति जीने से नर से नारायण बनते हैं, किसी भी संगठन से जुड़ने से पूर्व उसके विचारों को जानना चाहिए, मानव को अपने विचारों में सकारात्मता लानी होगी।

विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत जी गुप्ता ने कहा कि जैसे विचार होंगे वैसा जीवन होगा, पर्यावरण हमारी प्रथम न सही अंतिम चर्चा में अवश्य आना चाहिए तभी रामराज्य संभव है।

अतिथियों का स्वागत पी डी शर्मा जी, सत्यभान जी, राजेंद्र जी नेगी ने किया। पर्यावरण के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य करने वाली संस्थाओं का अभिनन्दन किया गया जिनमें प्रमुख रूप से श्री तन्मय जी जैन, राम आस्था मिशन और विपिन जी धोटे, वी एन एस सेवियर ग्रुप रहे।

कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थायें राजेंद्र जी नेगी, रोहित जी साहू, कमलेश जी पटेल, रामेंद्र जी कुशवाह, प्रकाश जी मिश्रा, राजकुमार जी चांवरिया, प्रशांत जी राजपूत, महेश जी शर्मा, विनीत जी अग्निहोत्री, शिवम् जी कैथल आदि सृष्टिसेवकों ने सम्भाली। रिपोर्ट: सुशील कैथल, जिला संयोजक, सृष्टि सेवा संकल्प, भोपाल।
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