सीधी। पुरानी पेंशन बहाली संगठन के राष्ट्रीय आह्वान पर शिक्षक दिवस के दिन सांकेतिक उपवास समस्त विभाग के कर्मचारियों,अधिकारियों ने किया।उपवास के दौरान कई लोगों ने अपने विचार साझा किये। पुरानी पेंशन बुढ़ापे का सहारा होती है, इसके बिना कर्मचारी का सेवानिवृत्ति के बाद बुढ़ापा अंधकारमय हो जाता है,ऐसे में सरकार को पुरानी पेंशन जल्द से जल्द बहाल करना चाहिए।
यूपीएस, गया लेकिन ये भी एनपीएस से गईं गुजरी है
ज्ञात हो कि 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों अधिकारियों को पुरानी पेंशन की पात्रता नहीं है, उसकी जगह पर एनपीएस लागू की गई जिसमें बहुत कम पेंशन प्राप्त होती है, कुछ सुधार करते हुए सरकार ने एनपीएस के स्थान पर यूपीएस लाया गया लेकिन ये भी एनपीएस से गईं गुजरी है। तभी तो कर्मचारियों ने इसका चुनाव नहीं किया। आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार वीथिका भवन में जिले के कोने-कोने से आए कई विभागों के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन की मांग दोहराई। मुख्य रूप से सुभाष सिंह चौहान, राजेश सिंह गहरवार, सुरेश पाण्डेय, प्रमोद कुमार द्विवेदी, राकेश कुमार द्विवेदी, शिवनारायण प्रसाद पटेल, जय भारत सिंह चौहान, अभय राजयोगी, उमा सिंह, मीरा सिंह, राजकुमार मांझी ने विचार साझा कर पुरानी पेंशन की लड़ाई को आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
जिले के कोने-कोने से आने वालों में प्रमुख रूप से सरोज सिंह, सु सोहागवती, नारायण जायसवाल, वेदराज जायसवाल, समयपाल रावत, संजय कुमार पांडेय, वीरेंद्र सिंह चौहान, मनीष कुमार पांडेय, राकेश कुमार वर्मा राजभान सिंह विवेकानंद शुक्ला,रामरूप मिश्रा, शैलेंद्र कुमार मिश्रा, प्रशांत जायसवाल, शंकर दयाल द्विवेदी, प्रवीण कुमार तिवारी, वीरेंद्र कुमार तिवारी, राजीव कुमार मौर्य, रामलाल कोरी, धर्मजीत साकेत, लीलावती प्रजापति, कमल त्रिपाठी,शोभा सिंह, जीतेंद्र द्विवेदी, जय भारत साहू, सूरज लाल पनिका, कौशल्या देवी वर्मा, सुशीला पटेल, कलावती कोल,सनत सिंह,अनिल कुमार तिवारी,अनिल सिंह,शैलेन्द्र सिंह,राजेश प्रताप सिंह,अनुज तिवारी,शिवप्रताप सिंह,राजेश मिश्राधर्मजीत साकेत सहित हजारों विभिन्न विभागों के कर्मचारी अधिकारी शामिल हुए।

