Coriander Panjiri Recipe: श्री कृष्ण जन्माष्टमी पूजन के लिए धनिया की पंजीरी बनाने की विधि

Updesh Awasthee
भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा में पंजीरी का विशेष महत्व और उनके अवतार भगवान श्री कृष्ण की पूजा में धनिया की पंजीरी अनिवार्य है। कुछ सालों पहले तक हर घर में लड़कियां सबसे पहले पंजीरी बनाना सीखतीं थीं, परंतु अब उस उम्र में स्कूल और कोचिंग में पूरा दिन चला जाता है। आइए हम बताते हैं भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय धनिया की पंजीरी कैसे बनाते हैं:- 

Ingredients for Dhaniya ki panjiri

1. पिसा  हुआ धनिया 
2. शुद्ध देसी घी 
3. शक्कर 
4. Dry Fruits
5 तुलसी के पत्ते

Dhaniya ki panjiri ki Recipe

1. सबसे पहले एक कढ़ाई को गैस पर रखकर थोड़ा सा गर्म करें। फिर उसमें आधा  कटोरी धनिया पाउडर डाल दें।
2. अब  गैस को सिम करके उसे चलाते रहें। 
3. जब धनिया थोड़ा गर्म हो जाए तो उसमें घी डाल दें। (मुट्ठी बंधने लगे इतना घी डालें)।
4. फिर थोड़ी देर और सिकने दें और जब सिकने की खुशबू आने लगे, हल्का सा ब्राउन कलर होने लगे तो गैस बंद कर दें।
5.जब सिका हुआ धनिया थोड़ा ठंडा हो जाए तो उसमें जितनी मात्रा में धनिया लिया था, उतनी ही मात्रा में पिसी हुई शक्कर या बूरा मिलाएं और ड्राई फ्रूट, तुलसी के पत्ते जो भी आपको डालना है, डाल दें।
तो लीजिये श्री कृष्ण जन्माष्टमी के लिए धनिया की पंजीरी तैयार है।

Special Tip -  छेद वाली चम्मच या झरिया से धनिया को ना चलाएं। वर्ना ये पूरे में फैल जाएगा। इसके लिए कोई फ्लैट चम्मच लें।

भगवान श्री कृष्ण को धनिया की पंजीरी क्यों पसंद है? 

धनिया की पंजीरी भगवान श्रीकृष्ण को इसलिए प्रिय है क्योंकि सनातन धर्म के स्वास्थ्य संबंधी शास्त्र आयुर्वेद में इसे अत्यंत शुद्ध और सात्विक बताया गया है। आयुर्वेद के अनुसार, धनिया पाचन क्रिया को सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मौद्सिक बदलावों से बचाने में मदद करता है। व्रत के बाद शरीर को ऊर्जा देने के लिए इसे फलाहार के रूप में खाया जाता है। सरल शब्दों में भारत में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जैसा मौसम होता है, इसके कारण जैसी पाचन क्रिया प्रभावित होती है उसके लिए धनिया की पंजीरी एक मात्र और सर्वोत्तम उपाय है। वैसे भी मध्य रात्रि में भोजन करना, अक्सर पाचन और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। जबकि धनिया की पंजीरी का सेवन करना बेहद लाभदायक होता है। 

धनिया का प्रसाद "धन का कारक" होता है

अगर आप धन से जुड़ी समस्याए है, तो ऐसे में आप जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को धनिया की पंजीरी का प्रसाद चढ़ाएं। ऐसा इसलिए धनिया धन का कारक है। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ऐसा कहा जाता है कि इस प्रसाद को चढ़ाने और ग्रहण करने से आपके आसपास सकारात्मक ऊर्जा आती है। साथ ही, आपके जीवन के रुके हुए कार्य आसानी से हो जाते हैं। इसलिए आपको इसे प्रसाद के तौर पर भगवान को जरूर चढ़ाना चाहिए। शायद आपको याद हो, दीपावली में महालक्ष्मी पूजा में भी धनिया रखा जाता है। 
  • प्रसाद का भोग लगाते समय उसे ढककर रखें, ताकि इसका भोग कोई और न लगा सके।
  • इस प्रसाद को अपने घर के सदस्यों में बांटे ताकि आपके घर में सकरात्मकता बनी रहे।
  • प्रसाद को हमेशा चांदी के पात्र में रखकर ही भगवान को अर्पित करें। इससे भोग का आशीर्वाद मिलता है। 
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की आप सभी को शुभकामनाएं। श्री हरि आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें। 
प्रस्तुति: श्यामला ज्योतिष पीठ, भोपाल। 

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