भोपाल। शिवपुरी नगर परिषद में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश ने तीनों मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर शिवपुरी द्वारा की गई जांच और अनुशंसा के बाद यह कार्रवाई की गई है। निलंबित अधिकारियों में शैलेष अवस्थी तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी, केशव सिंह सगर तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं ईशांक धाकड़ वर्तमान मुख्य नगरपालिका अधिकारी शामिल हैं।
घोटाले में नगर पालिका अध्यक्ष भी शामिल
निलंबित आदेश में उल्लेख है कि वर्ष 2022 से अब तक कुल 743 निर्माण कार्य, जिनकी लागत 57.80 करोड़ रुपए है या तो अपूर्ण हैं, या प्रारंभ ही नहीं किए गए। कार्य पूर्ण होने के बाद भी ठेकेदारों को भुगतान में 4 से 8 माह तक विलंब हुआ। केवल कुछ कार्यों का भुगतान 1-2 माह में किया गया। परिषद और पीआईसी की बैठकों में बजट और नगर परिषद की वित्तीय स्थिति को नजरअंदाज कर करोड़ों के निर्माण प्रस्ताव पारित किए गए। कार्यालय में पारदर्शिता का अभाव, कर्मचारियों की उदासीनता, फाइलों का सही संचालन न होना, और अधिकांश फाइलें अध्यक्ष के घर पर पाई गई। कैशबुक की जांच में एक ही फर्म को बार-बार भुगतान, अधूरी रजिस्टर प्रविष्टियाँ और वित्तीय वर्ष 2025-26 की कैशबुक में नियमों का पालन न होना पाए गए। नामांतरण और भवन निर्माण स्वीकृति प्रकरण महीनों तक लंबित रहे। आयुक्त ने निलंबन के दौरान निलंबित अधिकारियों का मुख्यालय क्रमशः संभाग-इंदौर और संभाग-ग्वालियर निर्धारित किया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता प्राप्त होगी।
कलेक्टर शिवपुरी की अनुशंसा पर हुई कार्रवाई
कलेक्टर ने तीनों अधिकारियों के कृत्यों को कार्यालयीन अव्यवस्था, वित्तीय अनुशासनहीनता और प्रशासनिक उदासीनता का प्रमाण बताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी।