Space Discovery - जिसने डायनासोर खत्म कर दिए थे बिल्कुल वैसा ही रहस्यमई धूमकेतु सौरमंडल में घुस आया है

Bhopal Samachar
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लगभग 66 मिलियन वर्ष पहले एक Asteroid ने पृथ्वी से टकराकर डायनासोर जैसे विशाल प्राणियों को विलुप्त कर दिया था। अब एक रहस्यमय Comet हमारे Solar System में प्रवेश कर चुका है, जिसकी Speed लगभग 1,30,000 मील प्रति घंटा है। यह सामान्य से कहीं अधिक है। NASA का कहना है कि यह Comet सूर्य के पास से गुजरकर Solar System से बाहर निकल जाएगा और पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन क्या हम NASA की बात पर पूरी तरह भरोसा कर सकते हैं, जब अमेरिका के Texas में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की भविष्यवाणी भी सटीक नहीं हो पाती, जहां अब तक 32 लोग मारे जा चुके हैं? आइए जानते हैं, यदि यह Comet पृथ्वी से टकराए तो क्या होगा?

Introducing the Mysterious Comet

इस अज्ञात और संभावित खतरनाक Comet को सबसे पहले Chile में स्थित ATLAS Telescope System द्वारा देखा गया। इसके बाद विश्व भर के 100 से अधिक Telescopes ने इसकी पुष्टि की, जिससे वैज्ञानिकों में हलचल मच गई। इसका नाम 3I/ATLAS रखा गया, जहां "I" का अर्थ Interstellar (अंतरतारकीय) है। यह Comet वर्तमान में Asteroid Belt और Jupiter की कक्षा के बीच है, जो सूर्य से लगभग 41.6 करोड़ मील दूर है। यह दूरी पृथ्वी-सूर्य की दूरी का साढ़े चार गुना है। 

इसकी Speed चिंता का विषय है, जो 1,30,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से सूर्य की ओर बढ़ रही है। इसके चारों ओर Gas और Dust का चमकदार गोला (Coma) और पूंछ होने के कारण इसे Asteroid नहीं, बल्कि Comet माना जा रहा है। अनुमान है कि यह 30 अक्टूबर 2025 को सूर्य के सबसे निकट होगा। यदि यह पृथ्वी की ओर आता है, तो दिसंबर 2025 में यह पृथ्वी के सबसे करीब हो सकता है। यदि यह अपने वर्तमान Track पर रहा, तो कोई खतरा नहीं है। 

Asteroid और Comet में अंतर

Asteroid और Comet दोनों Solar System के छोटे खगोलीय पिंड हैं, लेकिन इनमें महत्वपूर्ण अंतर हैं:
- Composition:  
  - Asteroid: ये चट्टान और धातु से बने होते हैं, जिनमें बर्फ या गैस की मात्रा नगण्य होती है।  
  - Comet: इन्हें "Dirty Snowballs" कहा जाता है, जो बर्फ (पानी, मीथेन, अमोनिया), धूल, और चट्टानी कणों से बने होते हैं।  
- Origin:  
  - Asteroid: ये Mars और Jupiter के बीच Asteroid Belt में पाए जाते हैं और Solar System के निर्माण के अवशेष हैं।  
  - Comet: ये Kuiper Belt या Oort Cloud जैसे ठंडे क्षेत्रों से आते हैं।  
- Orbit:  
  - Asteroid: इनकी कक्षा गोलाकार होती है और मुख्य रूप से Asteroid Belt तक सीमित रहती है।  
  - Comet: इनकी कक्षा दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) होती है, जो सूर्य के बहुत करीब से लेकर Solar System के बाहरी हिस्सों तक जाती है।  

यदि Comet पृथ्वी से टकराए तो क्या होगा?

वर्तमान में टकराव की संभावना नहीं है, लेकिन यदि यह Comet पृथ्वी से टकराता है, तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं। इसका Nucleus कुछ सौ मीटर से लेकर कुछ किलोमीटर तक हो सकता है। तुलना के लिए, 66 मिलियन वर्ष पहले 10-15 किलोमीटर चौड़ा Asteroid पृथ्वी से टकराया था, जिसने Dinosaur को विलुप्त कर दिया। संभावित प्रभाव:
- स्थानीय विनाश: टक्कर से विशाल Crater बनेगा, जिसका आकार Comet की गति और आकार पर निर्भर करेगा। एक किलोमीटर चौड़ा Comet कई किलोमीटर का Crater बना सकता है, जिससे आसपास भारी तबाही होगी।  
- वैश्विक प्रभाव: यदि Comet 5-10 किलोमीटर चौड़ा है, तो टक्कर से Dust और Debris वायुमंडल में फैल सकता है, जिससे सूर्य की रोशनी कम हो सकती है। इससे "Impact Winter" हो सकता है, जिसमें तापमान गिरेगा, फसलें नष्ट होंगी, और Ecosystem प्रभावित होगा।  

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