Who is Gukesh Dommaraju - गुकेश डोम्माराजू कौन है और पूरा देश उस पर गर्व क्यों कर रहा है

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गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju), सिर्फ 18 वर्ष आयु का एक भारतीय लड़का जिस पर पूरा देश अभिमान कर रहा है और पूरी दुनिया जिसकी और आश्चर्य से देख रही है। गुकेश डोम्माराजू ने दिनांक 12 दिसंबर 2024 को विश्व शतरंज चैंपियनशिप में चीन के खिलाड़ी एवं 11 दिसंबर 2024 तक वर्ल्ड चैंपियन डिंग लिरेन (Ding Liren) को को पराजित करके विश्व शतरंज चैंपियन (World Chess Champion) का खिताब अपने नाम कर लिया। गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) भारत को प्राउड के लिए कई सारे पॉइंट दिए हैं। 

Why India should be proud of Gukesh Dommaraju

गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) ने भारत को विश्व का शतरंज चैंपियन बना दिया। सिर्फ इतना ही नहीं मुकाबले में उसने चीन के उस खिलाड़ी को पराजित किया है, जो अब तक विश्व का शतरंज चैंपियन था। इस प्रकार शतरंज के मैदान में भारत ने चीन को हरा दिया। और सबसे महत्वपूर्ण बात, गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) की उम्र मत 18 वर्ष है। गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) ने एक और रिकॉर्ड बना लिया है। गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) इस दुनिया में सबसे कम उम्र का वर्ल्ड चेस चैंपियन बन गया है। इससे पहले तक यह रिकॉर्ड रूसी ग्रैंडमास्टर गैरी कास्पारोव (Garry Kasparov) के नाम दर्ज था जिन्होंने सन 18885 में विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीती थी। तब रूसी ग्रैंडमास्टर गैरी कास्पारोव (Garry Kasparov) की उम्र 22 वर्ष थी। इस प्रकार गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) ने साबित कर दिया की बुद्धि के मामले में आज भी दुनिया भर में भारत का कोई मुकाबला नहीं है। 

Who is Gukesh D - गुकेश डी कौन है

गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) को ही गुकेश डी (Gukesh D) के नाम से पुकारा जाता है। गुकेश का जन्म 29 में 2006 को चेन्नई में एक तेलुगू फैमिली में हुआ था। उनके पिता रजनीकांत, ईएनटी सर्जन है और माता पदमा माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं। मुकेश बचपन से ही शतरंज के प्रति आकृष्ट थे। उन्होंने 7 वर्ष की उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। गुकेश ने चेन्नई के वेलम्मल विद्यालय (Velammal Vidyalaya School), मेल अयनम्बक्कम में पढ़ाई की। सन 2013 तक मुकेश सप्ताह में सिर्फ तीन दिन, रोज एक घंटा शतरंज खेलते थे। उनके अच्छे प्रदर्शन को देखकर उनके पैरेंट्स ने उन्हें हर रोज एक घंटा शतरंज खेलने की अनुमति दी और वीकेंड में वह शतरंज के टूर्नामेंट में पार्टिसिपेट किया करते थे। 

दुनिया का सबसे छोटा शतरंज का चैंपियन

शतरंज के खिलाड़ी के रूप में गुकेश ने सन 2015 में अपने करियर की शुरुआत की जब उन्होंने एशियन स्कूल शतरंज चैंपियनशिप (Asian School Chess Championships) के अंडर-9 वर्ग में पार्टिसिपेट किया। 
इसके बाद 2018 में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप अंडर-12 जीतकर अपना पोटेंशियल पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित कर दिया था। 
सन 2018 में ही गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) ने एशियन यूथ शतरंज चैंपियनशिप में 5 गोल्ड मेडल जीते। जिनमें अंडर-12 व्यक्तिगत रैपिड और ब्लिट्ज, टीम रैपिड और ब्लिट्ज, और व्यक्तिगत क्लासिकल प्रारूप शामिल थे। 
गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) ने 2021 में जूलियस बैर चैलेंजर्स शतरंज टूर (Julius Baer Challengers Chess Tour), गेलफांड चैलेंज (Gelfand Challenge) जीतकर एक रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 19 में से 14 अंक हासिल किए।  
गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) ने 2024 में 45वें शतरंज ओलंपियाड (45th Chess Olympiad) में एक टीम और दो व्यक्तिगत स्वर्ण पदक (Gold Medals) और एक टीम कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता है। 
और दिसंबर 2024 में गुकेश डोम्माराजू (Gukesh Dommaraju) विश्व के सबसे कम उम्र के शतरंज चैंपियन बन गए। 
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