अपराध की सूचना पुलिस को नहीं देने पर क्या दंड का प्रावधान है, जानिए - legal advice

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 33 (CrPc की धारा 39) में बताया गया है कि कुछ अपराधों की सूचना पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को देना आम जनता का कर्तव्य है एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 34, (CrPc की धारा 40) में बताया गया है कि ग्राम के नियोजित अधिकारी को अपराध की सूचना या फरार व्यक्ति की सूचना तुरंत मजिस्ट्रेट या पुलिस को देना कर्तव्य है। अगर कोई व्यक्ति या ग्राम का नियोजित अधिकारी अर्थात सरपंच, पंच, पटेल या सचिव, प्रधान आदि अपराध की सूचना नहीं देता है तब उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा के अंतर्गत कार्यवाही होगी जानिए।

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 239 एवं भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 202 की परिभाषा

कोई व्यक्ति जो किसी अपराध के घटित होने की सूचना देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है और वह जानबूझकर ऐसे अपराध की सूचना देने का लोप करता है या सूचना, इत्तिला नहीं देता है तब वह व्यक्ति BNS की धारा 239 एवं IPC की धारा 202 के अंतर्गत दोषी होगा।
एच. एस. राठौर बनाम राज्य मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने अभिनिर्धारित किया कि मुख्य अपराध पूरा होने के बाद मे ही यह धारा लागू होगी अर्थात्‌ जब कोई अपराध हुआ है और होने के बाद व्यक्ति सूचना नहीं देता है तब उसे दण्डित किया जाएगा।
भगवान स्वरुप बनाम राजस्थान राज्य मामले मे न्यायालय द्वारा कहा गया कि यदि किसी व्यक्ति को यह पता है कि अमुक (अन्य) व्यक्ति की मृत्यु अप्राकृतिक रूप से हुई है तो उसका कर्तव्य है कि वह इसकी सूचना पुलिस को दे।

Bharatiya Nyaya Sanhita Section 239 or Indian Penal Code Section 202 Provision of punishment

यह अपराध सं असंज्ञेय एवं यह जमानतीय अपराध होते हैं, अर्थात पुलिस थाने में इस अपराध की एफआईआर भी दर्ज नहीं होती है लेकिन पुलिस अधिकारी NCR लिख सकती है, इस अपराध के लिए न्यायालय में परिवाद लगाया जा सकता है एवं सुनवाई किसी भी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है। अपराध के लिए अपराधी व्यक्ति को छ: माह की कारावास या 5000/- रुपये जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है। लेखक✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद)। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) 

डिस्क्लेमर - यह जानकारी केवल शिक्षा और जागरूकता के लिए है। कृपया किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से पहले बार एसोसिएशन द्वारा अधिकृत अधिवक्ता से संपर्क करें। 

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