MP NEWS - भाजपा ने अपने विधायकों को प्रेस से परहेज करने को कहा, लिखित आदेश जारी

मध्य प्रदेश में 50 से अधिक विधायकों की संदिग्ध स्थिति का खुलासा होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से विधायकों के नाम लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि, दिनांक 11 दिसंबर को भोपाल में विधायक दल की बैठक से पहले प्रेस और पत्रकारों से परहेज करें। उल्लेखनीय है कि दैनिक भास्कर में छपी एक रिपोर्ट के एनालिसिस के दौरान भोपाल समाचार डॉट कॉम ने खुलासा किया था कि मध्य प्रदेश में 50 से अधिक विधायकों की स्थिति संदिग्ध है। वह पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त नहीं कर रहे हैं। 

भाजपा का विधायकों को आमंत्रण पत्र में पत्रकारों से परहेज के निर्देश

दिनांक 11 तारीख को आयोजित भाजपा की विधायक दल की बैठक का आमंत्रण पत्र भाजपा के प्रदेश महामंत्री, कार्यालय प्रभारी एवं विधायक श्री भगवान दास सबनानी द्वारा दिनांक 10 दिसंबर रविवार को जारी किया गया। इसमें सभी विधायकों को निर्देशित किया गया है कि:-
  • सभी को निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना है। 
  • रवाना होने से पहले भाजपा के प्रदेश कार्यालय को आधिकारिक सूचना देना है। 
  • विधायक के सहायक अथवा सचिव अथवा सिक्योरिटी गार्ड कार्यालय में प्रवेश नहीं करेंगे। 
  • बैठक से पूर्व मीडिया को प्रतिक्रिया देने से बचें। 

पत्रकारों से परहेज के लिखित निर्देश जारी क्यों करने पड़े

मध्य प्रदेश में विधायकों की संख्या 163 है। एक व्हाट्सएप ग्रुप में 256 सदस्य जोड़े जा सकते हैं। टीम को मैसेज देने के और भी दर्जनों माध्यम हैं। सवाल यह है कि फिर आमंत्रण पत्र में पत्रकारों से परहेज के लिखित निर्देश क्यों जारी करने पड़े। क्या भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश कार्यालय, केंद्रीय कमान को यह बताना चाहता है कि हमने सभी विधायकों को अनुशासन में रहने का आग्रह किया था। क्या भाजपा का प्रदेश कार्यालय अपने विधायकों को नियंत्रण में रखने में असफल हो रहा है और उसके पास यह विश्वास करने के लिए पर्याप्त जानकारी है कि, विधायकों द्वारा पार्टी की पॉलिसी का उल्लंघन किया जाएगा। इसलिए अपने बचाव के लिए आमंत्रण पत्र में लिखित निर्देश जारी किए गए। 

मध्य प्रदेश के 52 विधायकों के मन में मुख्यमंत्री कौन 

भाजपा की लिस्ट में मध्य प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय समाचार पत्र दैनिक भास्कर की मोबाइल एप्लीकेशन पर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इसमें बताया गया है कि उन्होंने सभी 163 भाजपा विधायकों को फोन लगाया और जानने की कोशिश की की मुख्यमंत्री पद के लिए उनके मन में कौन है। सिर्फ 83 विधायकों ने पार्टी के निर्णय पर विश्वास जताया। 20 विधायकों ने खुलेआम अपने नेता का नाम बताया। 50 से अधिक विधायकों ने ना तो अपने नेता का नाम बताया और ना ही पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। भास्कर की रिपोर्ट का एनालिसिस पढ़ने के लिए कृपया यहां क्लिक करें। 

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