गर्लफ्रेंड का गुस्सा - बॉयफ्रेंड की बेइज्जती करने वाले का सर तन से जुदा - MP NEWS

मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड की बेइज्जती का बदला लेने के लिए, रीवा के एक बदमाश की हत्या कर दी। उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। इससे पहले मृत्यु युवक ने बॉयफ्रेंड के कपड़े उतार कर उसकी पिटाई की थी और वीडियो बना लिया था। रिकॉर्ड किया गया वीडियो वह सब को दिखा रहा था। 

टैटू के कारण पता चला सतना में मिली डेड बॉडी रीवा के शैलेंद्र तिवारी की है 

16 नवंबर को सतना जिले की अमरपाटन थाना पुलिस को ककरा-करही गांव से एक कॉल आया। सूचना ये थी कि एक युवक की सिर कटी लाश झाड़ियों में पड़ी है। पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की, लेकिन लाश की पहचान नहीं हो सकी। युवक के हाथ में त्रिशूल का एक टैटू बना था। पुलिस ने सोशल मीडिया पर सिर कटी लाश की तस्वीरें वायरल कीं। 24 घंटे तक कोई सुराग नहीं लगा। 17 नवंबर को रीवा जिले के जैरुका गांव के बहोर तिवारी और परिवार के लोगों ने पुलिस से संपर्क किया। हाथ में बने टैटू के आधार पर लाश की पहचान अपने छोटे बेटे 23 वर्षीय शैलेंद्र तिवारी के रूप में की।

बताया कि शैलेंद्र 15 नवंबर की रात घर से दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होने सिरमौर जाने की बात कहकर निकला था। आखिरी बार उसने रात 10.30 बजे मां शीला तिवारी से बात की थी। अगली सुबह से उसका मोबाइल बंद आ रहा था। तब से वे उसकी तलाश कर रहे थे।

CDR से पता चला शैलेंद्र को सुमन ने बुलाया था

पुलिस को परिजन से पता चला कि शैलेंद्र तिवारी मोबाइल लेकर निकला था। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल पर मोबाइल नहीं मिला था। पुलिस ने शैलेंद्र के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल (CDR) निकलवाई तो पता चला कि आखिरी बार उसकी बात किसी लड़की से हुई थी। युवती के मोबाइल का टावर लोकेशन भी ककरा-करही गांव का बता रहा था। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने ककरा-करही गांव में रहने वाली आशिका दाहिया उर्फ सुमन दाहिया को हिरासत में ले लिया। सुमन से जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।

Crime story - रीवा के शैलेंद्र तिवारी की हत्या की कहानी

पुलिस को सुमन ने शैलेंद्र तिवारी के मर्डर की पूरी कहानी सुनाई। सुमन ने अपने बॉयफ्रेंड कृष्णानंद उर्फ रजोल साकेत की बेइज्जती का बदला लेने के लिए कत्ल की वारदात को अंजाम दिया था। कृष्णानंद उर्फ रजोल साकेत ने बताया कि वह सूरत में प्राइवेट नौकरी करता है। पांच-छह महीने में एक बार गांव आता है। शैलेंद्र तिवारी उसके नजदीक के गांव में रहता था और दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे।

वीडियो दिखा दिखा कर मजाक उड़ाता था इसलिए हत्या कर दी

पांच महीने पहले वह घर आया हुआ था, तब मोबाइल और पैसे को लेकर उसकी शैलेंद्र तिवारी से मारपीट हुई थी। शैलेंद्र ने कृष्णानंद की बेरहमी से पिटाई करते हुए उसके नग्न वीडियो बना लिए थे। शैलेंद्र अक्सर दोस्तों को ये वीडियो दिखाकर उसकी बेइज्जती करता था। इसी का बदला लेने के लिए कृष्णानंद ने अपनी प्रेमिका सुमन के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।

1 महीने पहले रची थी हत्या की साजिश

साजिश के मुताबिक, सुमन ने एक महीने पहले फेसबुक पर आशिका दाहिया के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया। इसके अलावा उसने शैलेंद्र के मोबाइल पर मिस्ड कॉल कर बातचीत शुरू की। दोनों की मोबाइल पर घंटों बातें होने लगी। सोशल मीडिया पर भी एक-दूसरे से चैट करने लगे।

लड़की के लालच में आसानी से फंस गया

शैलेंद्र के दोस्तों को भी इसके बारे में पता था, लेकिन वे ये नहीं जानते थे कि एक साजिश के तहत शैलेंद्र को फंसाया जा रहा है। दीपावली से पहले कृष्णानंद सूरत चला गया। वहीं से उसने हत्या के लिए एक बका (धारदार हथियार) खरीदा था। 15 नवंबर को आशिका उर्फ सुमन ने शैलेंद्र को मिलने गांव बुलाया।

मां से झूठ बोलकर गया था

शैलेंद्र तीन-भाई बहनों में सबसे छोटा था। पिता रामचरित उर्फ बहोर तिवारी गांव में ही किराने की दुकान चलाते हैं। बड़ा भाई फाइनेंस कंपनी में काम करता है। बड़े भाई और बहन की शादी हो चुकी है। शैलेंद्र की दोस्ती गलत आदत वाले लड़कों के साथ थी।

15 नवंबर की शाम करीब सात बजे वह बिलवा गांव के रहने वाले सचिन तिवारी के साथ रवाना हुआ। घरवालों को बताया कि सिरमौर जा रहा है, क्योंकि उसके दोस्त अभय गौतम का जन्मदिन है। रात 10:30 बजे तक शैलेंद्र नहीं लौटा तो उसकी मां शीला ने कॉल किया। मां ने कहा कि वह रात को दोस्त के घर ही रुक जाए और सुबह लौटे।

लड़की के लालच में दोस्तों से भी झूठ बोला

अगली सुबह भी शैलेंद्र नहीं लौटा तो उसकी मां ने कॉल किया। मोबाइल बंद था। सचिन को कॉल किया तो उसने बताया कि वह रात में ही लौट आया था। उसे नहीं पता कि शैलेंद्र कहां गया? इसके बाद घरवालों ने सिरमौर निवासी अभय गौतम को कॉल किया। उसने बताया कि उसका तो जन्मदिन था ही नहीं और न ही शैलेंद्र उसके यहां पहुंचा।

दोस्त ने बताया- शैलेंद्र प्रेमिका से मिलने बस से निकला था

अभय से बात करने के बाद शैलेंद्र के बड़े भाई बालेंद्र तिवारी ने दिल्ली में रहने वाले उसके दूसरे दोस्त से बात की। जब कोई सुराग नहीं मिला तो सचिन से ही पूछा। सचिन के साथ ही शैलेंद्र सिरमौर जाने का कहकर निकला था। सचिन ने बताया कि शैलेंद्र अमरपाटन क्षेत्र के ककरा-करही गांव में रहने वाली अपनी प्रेमिका से मिलने गया है। वह उसे बस में बैठाकर घर लौट गया था।

अमरपाटन में ही शैलेंद्र के बड़े पिता का वेयर हाउस है। बालेंद्र ने चचेरे भाई नीलेश तिवारी को पता करने के लिए कहा। 17 नवंबर की शाम को नीलेश से ही सिर कटी लाश की जानकारी मिली। इसके बाद परिजन ने थाने पहुंच कर कपड़े, जूते और हाथ के टैटू के आधार पर उसकी पहचान शैलेंद्र के रूप में की थी।

अब पढ़िए, कैसे हत्या की साजिश को अंजाम दिया

मैहर एसपी सुधीर अग्रवाल के मुताबिक, शैलेंद्र बस से ककरा-करही गांव पहुंचा। वहां आशिका बनी सुमन उससे मिली। कृष्णानंद वहीं छिपा हुआ था। सुमन ने शैलेंद्र को बातों में उलझाया, इसी दौरान कृष्णानंद ने पीछे से उसकी गर्दन पर बका से वार कर दिया। उसकी गर्दन को धड़ से अलगकर दोनों घटनास्थल से 250 मीटर दूर नहर के पास गए। वहां सिर को गड्‌ढे में दबा दिया। मंशा ये थी कि पहचान नहीं होने से पुलिस इस हत्या की गुत्थी को सुलझा नहीं पाएगी।

हत्या के बाद रात में ही कृष्णानंद बस के माध्यम से कटनी गया और वहां से ट्रेन में सवार होकर सूरत निकल गया। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बका, वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े, टॉर्च, शैलेंद्र का मोबाइल बरामद कर लिया। फिलहाल, दोनों आरोपी जेल में हैं। 

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