Central Government employees news - लीव इनकैशमेंट, स्टडी लीव और और अन्य सवालों के जवाब

भारत सरकार ने FAQ - Frequently asked questions अर्थात बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न अथवा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर जारी किए हैं। ज्यादातर कर्मचारी लीव इनकैशमेंट (अवकाश का नगदीकरण), स्टडी लीव (पढ़ाई के लिए छुट्टी), चाइल्‍ड केयर लीव (संतान पालन अवकाश) एवं लगातार छुट्टी के कारण सेवा समाप्ति के नियमों के बारे मेंजानना चाहते थे। इसलिए सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। 

शासकीय कर्मचारियों को लीव इनकैशमेंट के नियम

केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि, कर्मचारियों को लीव इनकैशमेंट की मंजूरी एडवांस में लेनी चाहिए, जो LTC के साथ लेना सही रहेगा। कुछ मामलों में तय समय के बाद भी लीव इनकैशमेंट किया जा सकता है।

पुरुष कर्मचारियों को चाइल्‍ड केयर लीव

बच्‍चे की देखभाल के लिए चाइल्‍ड केयर लीव भी सिर्फ महिलाओं को दी जाती है। अगर बच्‍चा विदेश में पढ़ाई कर रहा है या उसकी देखभाल के लिए महिला कर्मचारी को विदेश जाने की जरूरत पड़ती है तो कुछ जरूरी प्रक्रिया के बाद उसे यह लीव मिल जाएगी।

कर्मचारियों को पढ़ाई के लिए छुट्टी की लिमिट 

सरकार ने साफ किया है कि अगर किसी कर्मचारी को स्‍टडी लीव की जरूरत है तो वह पूरे सेवा काल में 24 महीने की छुट्टी इस मद के लिए ले सकता है। यह अवकाश एक साथ भी लिया जा सकता है और अलग-अलग भी। सेंट्रल हेल्‍थ सर्विस से जुड़े कर्मचारियों को स्‍टडी लीव के लिए 36 महीने का समय दिया जाता है। पोस्‍ट ग्रेजुएट क्‍वालिफिकेशन के लिए भी 36 महीने की लीव ली जा सकती है।

कर्मचारियों को लगातार छुट्टी के कारण सेवा समाप्ति के नियम

अगर कोई कर्मचारी लगातार पांच साल से ज्‍यादा समय तक छुट्टी पर रहता है तो उसकी सेवाएं समाप्‍त मान ली जाएंगी। फॉरेन सर्विस को छोड़कर अन्‍य किसी क्षेत्र का सरकारी कर्मचारी अगर पांच साल से ज्‍यादा समय तक छुट्टी पर रहा तो माना जाएगा कि उसने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। यानी कर्मचारियों को लगातार 5 साल से ज्‍यादा की छुट्टी लेने की इजाजत नहीं होगी। 

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