MP NEWS - अतिथि शिक्षकों की कार्य मुक्ति वाला आदेश स्थगित, भोपाल समाचार की खबर का असर

Bhopal Samachar
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मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को कार्य मुक्त करने वाला आदेश स्थगित कर दिया गया है। भोपाल समाचार डॉट कॉम ने याद दिलाया था कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों को शिक्षा सत्र के बीच में कार्य मुक्त करने से मना किया है। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक श्री डीएस कुशवाह ने अपने ही आदेश को स्थगित कर दिया। 

डायरेक्टर डीपीआई ने मुख्यमंत्री के आदेश के पालन को घोर अनियमितता बताया था 

मध्यप्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल प्राचार्य के नाम संबोधित रिमाइंडर नंबर 284 दिनांक 3 अक्टूबर 2023 में डायरेक्टर डीपीआई श्री डीएस कुशवाह ने लिखा था कि, संचालनालय के पत्र क्रमांक 776 दिनांक 2 फरवरी 2023 के अनुसार नियमित शिक्षकों उपस्थिति उपरांत आमंत्रित किये गये अतिथि शिक्षकों के ऑनलाइन बिल जनरेट कर कार्यमुक्त करने के निर्देश दिये गये थे। अतिथि शिक्षक पोर्टल प्राप्त जानकारी के अनुसार देखने में आया है, कि नियमित शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति उपरांत भी संकुल प्राचार्यों द्वारा अतिथि शिक्षकों को GFMS पोर्टल से कार्यमुक्त नहीं किया गया है, जो कि शासनादेशों की अवहेलना एवं घोर अनियमितता का द्योतक है। (जबकि मुख्यमंत्री ने जो ऐलान किया था जिलों में उसी का पालन किया जा रहा था।)

मुख्यमंत्री ने फटकार लगाई, तब स्थगित हुआ

भोपाल समाचार डॉट कॉम द्वारा उठाने के बाद यह मामला मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंच गया था। उन्होंने बुरहानपुर में भरे मंच से ऐलान किया कि एक भी अतिथि शिक्षक को हटाया नहीं जाएगा जबकि उनकी नियुक्ति का काम निरंतर जारी रहेगा। बुरहानपुर के माइक से गूंजी मुख्यमंत्री की आवाज में भोपाल में लोक शिक्षण संचालनालय की खिड़कियों को खड़खड़ा दिया। तुरंत डीपीआई के डायरेक्टर ने अपने ही आदेश को स्थगित करने का फरमान जारी कर दिया।

डीएस कुशवाह का यूटर्न

आज डायरेक्टर डीपीआई श्री डीएस कुशवाह ने एक नया सर्कुलर जारी किया है। समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल प्राचार्य के नाम संबोधित पत्र क्रमांक 286 दिनांक 4 अक्टूबर 2023 में श्री कुशवाह ने लिखा है कि संचालनालय के पत्र क्रमांक 284 दिनांक 3 अक्टूबर 2023 के द्वारा दिए गए निर्देशों का क्रियान्वयन आगामी आदेश तक स्थगित किया जाता है। 

अब मध्य प्रदेश में किसी भी ट्रांसफर या प्रमोशन के कारण किसी नियमित शिक्षक के आ जाने पर, अतिथि शिक्षक को कार्य मुक्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई ऐसा करता है तो उसका कृत्य घर कदाचरण की श्रेणी में आएगा। उसके खिलाफ शासनादेश की अवहेलना करने का आरोप पत्र जारी किया जा सकता है। उसे विभागीय जांच का सामना करना पड़ सकता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई का भागी हो सकता है। 


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