जबलपुर मंडी में सचिव वर्ग-अ के स्थान पर वर्ग-ब की पदस्थापना हाई कोर्ट द्वारा बहाल- MP NEWS

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जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के उस आदेश को स्थगित कर दिया है जिसमें कृषि उपज मंडी जबलपुर में सचिव वर्ग-अ के स्थान पर वर्ग-ब की पदस्थापना को अवैधानिक बताते हुए निरस्त किया गया था। यानी कृषि उपज मंडी जबलपुर में सचिव वर्ग-अ के स्थान पर वर्ग-ब की पदस्थापना प्रभावी होगी। 

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पदस्थापना निरस्त कर दी थी

मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल द्वारा कृषि उपज मंडी समिति जबलपुर में रिक्त पद सचिव वर्ग-अ के विरुद्ध सचिव वर्ग-ब की पदस्थापना कर दी गई थी। जिसे मंडी में पूर्व कार्यरत सचिव वर्ग-स श्री मनोज चौकीकर द्वारा याचिका क्रमांक WP/3048/2023 के माध्यम से चुनौती दी गई। इस मामले में मंडी बोर्ड की ओर से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत उपसंचालक श्री आनंद मोहन शर्मा द्वारा जवाब दाखिल किया गया। प्रकरण की सुनवाई के बाद जस्टिस श्री संजय दुबे जी द्वारा दिनांक 28 फरवरी 2023 को याचिका अलाऊ की गई तथा जबलपुर मंडी में रिक्त वर्ग-अ के सचिव के पद के विरुद्ध वर्ग-ब के सचिव श्री राजेश सैयाम की पदस्थापना को अवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया। 

अ और ब की लड़ाई में स को शामिल होने का अधिकार नहीं

हाई कोर्ट के इस निर्णय को संचालक मंडी बोर्ड भोपाल द्वारा चुनौती दी गई। उनकी ओर से अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर ने अपील  क्रमांक  WA/504/2023 दाखिल की। इसकी प्रारंभिक सुनवाई जस्टिस श्री सुजय पाल तथा जस्टिस श्री अविंद्र कुमार की खंडपीठ द्वारा की गई। मंडी बोर्ड की ओर से अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर द्वारा बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन की पॉलिसी के क्लाज 35 में स्पष्ट रूप से व्यवस्था है कि सचिव वर्ग-अ के स्थान पर वर्ग-ब की पदस्थापना की जा सकती है। अतः श्री राजेश सैयाम की पदस्थापना नियम विरुद्ध नहीं है। जबकि याचिकाकर्ता सचिव वर्ग-स से है। मंडी बोर्ड के आदेश से याचिकाकर्ता का कोई भी हित प्रभावित नहीं होता। अतः याचिकाकर्ता को मंडी बोर्ड के आदेश को चुनौती देने का कानूनी अधिकार ही नहीं है। 

हाई कोर्ट, शासन की नीति के विरुद्ध आदेश नहीं दे सकते: सुप्रीम कोर्ट

अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि शासन की नीति की संविधान एकता का परीक्षण किए बिना शासन की नीति के विरुद्ध ना तो अंतरिम आदेश दिया जा सकता है और ना ही अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। अर्थात सिंगल बेंच का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुकूल नहीं है। 

अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर ने हाईकोर्ट को बताया कि जबलपुर मंडी सिलेक्शन ग्रेड-अ श्रेणी की मंडी जिसमें 2 पद वर्ग-स के हैं और याचिकाकर्ता एक पद पर कार्यरत है। अतः उसे अन आवेदक की पदस्थापना आदेश को चुनौती देने का कोई विधिक अधिकार नहीं है। 

अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर के तर्कों से सहमत होते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश दिनांक 28 फरवरी 2023 को स्थगित कर दिया एवं अपील को सुनवाई के लिए एडमिट करते हुए दिनांक 1 जुलाई 2023 को सभी संबंधित पक्षों को बुलाया है। 

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