MP NEWS- मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती में जाति प्रमाण पत्र घोटाला- जिला शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट

भोपाल
। मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा जाति प्रमाण पत्र घोटाला पकड़ा गया। उन्होंने सत्यापित रिपोर्ट में इसका उल्लेख करके आधिकारिक तौर पर लोक शिक्षण संचालनालय को जानकारी दे दीजिए। इस मामले में कुछ एसडीएम शक के दायरे में हैं। 

मध्य प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र घोटाला कैसे हुआ

बाहरी राज्यों के कैंडीडेट्स नहीं मध्यप्रदेश में आकर शिक्षक पात्रता परीक्षा में भाग लिया। क्वालीफाई करने के बाद उन्हें समझ में आया कि यदि उन्हें आरक्षण का लाभ मिल जाता है तो उनकी नौकरी लग जाएगी। कुछ उम्मीदवारों ने स्वयं को मध्यप्रदेश में आरक्षित जाति का उम्मीदवार बताया। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। भोपाल, इंदौर, छिंदवाड़ा और ग्वालियर के मामले सामने आए हैं। कैंडीडेट्स ने मध्य प्रदेश से दूसरा जाति प्रमाण पत्र बनवाया और अपने दस्तावेजों में संलग्न कर नियुक्ति का दावा प्रस्तुत किया। 

आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। घोटाला सामने आने के बाद उन्होंने इसकी जांच के लिए कोई प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की है। शासन स्तर पर किसी को सूचित नहीं किया है। केवल संचालनालय के कुछ अधिकारी अनाधिकृत तौर पर कह रहे हैं कि ऐसी कोई भी नियुक्ति नहीं होने दी जाएगी। हम इस प्रकार का कोई भी जाति प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं करेंगे। 

सवाल यह है कि रातों-रात जाति प्रमाण पत्र बनाने वाले अनुविभागीय अधिकारियों को बचाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। उनसे डीपीआई का क्या रिश्ता है। जिस प्रकार जिला शिक्षा अधिकारियों ने सारी जानकारी आयुक्त को दे दी है, उसी प्रकार आयुक्त को यह जानकारी शासन स्तर पर आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि मामले की जांच हो और जाति प्रमाण पत्र की दुकान चलाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। 

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