INDORE संभागायुक्त की कार्यवाही- महिला खनिज अधिकारी सस्पेंड- MP NEWS

बुरहानपुर।
 मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के अधिकारी को इंदौर संभाग आयुक्त ने शासकीय कार्य में रूचि नहीं लेने और लापरवाही, उदासीनता बरतने पर सस्पेंड कर दिया है। इसकी जानकारी बुरहानपुर कलेक्टर भव्या मित्तल को पत्र के माध्यम से भेजी गई। यह जानकारी पहुंचने पर एडीएम शैलेंद्र सिंह सोलंकी की ओर से तामिली आदेश खनिज निरीक्षक को भेजा गया है।
 
इंदौर संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने जारी आदेश में कहा- शासकीय कार्य में रूचि नहीं लेने और लापरवाही, उदासीनता बरतने पर सोनल तोमर खनिज अधिकारी बुरहानपुर को निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंडवा रहेगा।

सस्पेंड होने के कारण

मोबाइल रिसीव नहीं करने पर 18 अगस्त 22 को सोनल तोमर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था।

सीएम हेल्पलाइन 181 पोर्टल पर 17 अगस्त 22 को खनिज विभाग को डी-ग्रेडिंग मिली। 2 शिकायतें 50 दिन से अधिक समय से लंबित थी तथा कुल 3 शिकायतें माह जुलाई 2022 की लंबित थी। टीएल बैठक में भी निर्देशित करने के बाद भी शिकायतों में कमी नहीं आई।

माह सितंबर 22 में रेत के अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर मैदानी अमले द्वारा कार्रवाई की गई। समय समय पर निर्देश देने पर भी उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। 5 सितंबर 22 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। तोमर ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।

जिले में साल 2021-22 और 22-23 में अवैध उत्खनन, परिवहन के दर्ज प्रकरणों में कमी होने से संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म मप्र शासन द्वारा 20 सितंबर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था।

सीएम हेल्प लाइन पोर्टल के अनुसार अगस्त 22 में खनिज विभाग की 49.33 प्रतिशत वैटेज प्राप्त हुए जो मासिक ग्रेडिंग सी रहा। निर्देश के बाद भी निराकरण नहीं किया गया। कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं रहा। अक्टूबर 2022 की भी मासिक ग्रेडिंग सी थी। कारण बताओ सूचना पत्र का सही जवाब नहीं मिला।

ग्राम पंचायत देड़तलाई, रामाखेड़ा द्वारा 21 दिसंबर 22 को आवेदन पत्र देकर क्षेत्र में पेसा एक्ट के तहत खनिज संपदा का रखरखाव व उसके क्रियान्वयन की मांग की गई। आवेदन पर कार्रवाई करते हुए सोनल तोमर ने खनिज निरीक्षक को मौके पर भेजा था। आवेदन पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कारण बताओ सूचना पत्र दिया गया तो तोमर ने 15 नवंबर 2022 के राजपत्र का उल्लेख कर ग्राम सभा को उत्खनी पट्टा दिए जाने और रेत खदान स्वीकृत कररने का अधिकार नियम नहीं होना बताया।