किसी भी चीज की लत क्यों लग जाती है, साइंस से समझिए सरल हिंदी में- GK Today

लत यानी एडिक्शन केवल नशीले पदार्थों की नहीं लगती, कई चीजों की लगती है। जुआ खेलने की लत, मिठाई या कुछ और खाने की लत, फिजिकल रिलेशन बनाने की लत, मोबाइल फोन की लत, फिल्म देखने की लत और ऐसी बहुत सारी चीजें। लत से छुटकारा पाने के लिए लोग कई प्रकार के प्रयास करते हैं। कभी सफल होते हैं कभी नहीं भी होते हैं। आइए साइंस से समझते हैं कि किसी भी चीज की लत क्यों लग जाती है और लत से छुटकारा पाने का साइंटिफिक तरीका क्या है। 

मनुष्य को किसी भी चीज की लत लगने का कारण

जब मनुष्य किसी चीज का उपयोग करता है, कुछ खाता-पीता है, या किसी भी प्रकार की गतिविधि करता है तब कभी-कभी मनुष्य का दिमाग डोपामाइन हार्मोन रिलीज करता है। इस हार्मोन के रिलीज होने से खुशी मिलती है लेकिन यह खुशी कुछ देर के बाद खत्म हो जाती है। दिमाग फिर से हार्मोन रिलीज करता है और यह हार्मोन आप को मजबूर कर देता है कि आप वही सब कुछ दोबारा से करें। जब आप दोबारा करने की प्रक्रिया शुरू करते हैं (जैसे मिठाई का डब्बा खुलते ही) डोपामाइन हार्मोन रिलीज होना शुरू हो जाता है। इसके कारण आप पहले से ज्यादा खाते हैं। यह हार्मोन आपसे बार-बार डिमांड करता है और आप पहले से ज्यादा करते हैं। इसी प्रक्रिया को लत लगना कहते हैं। 

लत से छुटकारा पाने का साइंटिफिक तरीका

हार्मोन की परेशानियों को हार्मोन से ही दूर किया जा सकता है। मनुष्य के शरीर में यदि कोई हार्मोन लत लगाने का काम करता है तो कोई दूसरा हार्मोन उस से छुटकारा दिलाने का काम भी करता है। एंडोर्फिन हार्मोन, ऑक्सीटोसिन हार्मोन एवं सेरोटोनिन हार्मोन मिलकर डोपामाइन हार्मोन को कमजोर कर देते हैं और लत से छुटकारा पाया जा सकता है।

एंडोर्फिन हार्मोन क्या होता है, क्या काम करता है

एक्सरसाइज करने, डांस करने या किसी भी प्रकार की फिजिकल एक्टिविटी करने से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है। यह हार्मोन आपके स्ट्रेस लेवल को कम करता है। मसल्स में पेन को कम करता है और मूड को अच्छा बना देता है। यानी जब डोपामाइन हार्मोन आपके दिमाग को मजबूर करने की कोशिश करें तब आप एंडोर्फिन हार्मोन से उसका मुकाबला कर सकते हैं परंतु केवल इतनी से काम नहीं चलता। इसके साथ मनुष्य को ऑक्सीटोसिन हार्मोन की भी जरूरत होती है।

ऑक्सीटोसिन हार्मोन क्या काम करता है

अपने पार्टनर या अपने बच्चे को प्यार से छूने पर ऑक्सीटॉसिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। यह भी आपको अच्छी फीलिंग देता है। आपको रिस्पांसिबल और अकाउंटेबल बनाता है। इसके अलावा यही हार्मोन कभी आपको तो कभी आपके पार्टनर अथवा आपके बच्चे को सेफ फील कराता है। मुन्ना भाई एमबीबीएस की झप्पी यही जादू करती है, लेकिन यह भी पर्याप्त नहीं है और मनुष्य के दिमाग को डोपामाइन हार्मोन के कब्जे से मुक्त नहीं करती। मुक्ति के लिए मनुष्य को सेरोटोनिन हार्मोन की जरूरत होती है। 

सेरोटोनिन हार्मोन क्या होता है और क्या काम करता है 

सेरोटोनिन हार्मोन, अच्छी डाइट, मनपसंद खाना खाने, मेडिटेशन करने और धूप सेकने से रिलीज होता है। यह हार्मोन आपको सुकून का अहसास दिलाता है। सबसे बड़ी बात कि यही हार्मोन मनुष्य को डिप्रेशन से दूर करता है। 

फाइनली क्या करना है, 4 लाइनों में समझिए

अच्छा खाइए, मनपसंद खाइए, ड्रिंक लीजिए, मोबाइल पर वक्त बताइए, फिल्म देखिए, पार्टनर के साथ फिजिकल रिलेशन बनाइए और कोई भी खेल खेलिए जो आपको पसंद है। क्योंकि ऐसा करने से ही डोपामाइन हार्मोन रिलीज होगा और आपको खुशी मिलेगी लेकिन खुशी को लत में बदलने से रोकने के लिए एंडोर्फिन हार्मोन, ऑक्सीटोसिन हार्मोन एवं सेरोटोनिन हार्मोन पैदा करने वाली गतिविधियां करना भी उतना ही जरूरी है। तभी आप एक स्ट्रेस फ्री, डिप्रेशन फ्री और हैप्पी लाइफ जी सकते हैं। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) 

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