INDORE की बड़ी खबर- 3 पुलिस थानों में इन्वेस्टिगेशन घोटाला, FIR के बाद केस डायरियां गायब

इंदौर
। यह बेहद गंभीर और चिंता की बात है। इंदौर के 3 थानों से 28 केस डायरियां एवं चालान गायब है। सभी बड़े मामले हैं। हाई प्रोफाइल लोग आरोपी हैं। सभी मामलों में FIR के बाद पुलिस इन्वेस्टिगेशन की गई परंतु चालान पेश करने से पहले केस डायरी गायब हो गई। ACP ने DCP को गोपनीय रिपोर्ट भेजी है जिसमें 9 इंस्पेक्टर सहित कुल 35 पुलिस कर्मचारियों को इसके लिए दोषी माना है। संपत उपाध्याय, डीसीपी जोन-2 ने केस डायरियां गायब होने की पुष्टि की है।

लसूड़िया थाने से 22 डायरियां गायब, विजयनगर से 5

नई दुनिया में सेवाएं दे रहे इंदौर के प्रतिष्ठित पत्रकार श्री मुकेश मंगल की रिपोर्ट के अनुसार, मामले में विजयनगर, लसूड़िया और तिलकनगर थाने के पूर्व व वर्तमान 9 टीआइ सहित 35 पुलिस अधिकारी जांच की जद में आ गए हैं। 18 को तो नोटिस जारी हो चुके हैं। कुछ एसआइ तो निरीक्षक बन चुके हैं और कुछ रिटायर हो चुके हैं। सबसे ज्यादा गड़बड़ी लसूड़िया थाना में पकड़ी गई है। इस थाने में 2017 से 2020 तक की 22 डायरियां नहीं मिल रही हैं। दूसरे नंबर पर विजयनगर थाना है, जहां से पांच केस डायरियां गायब बताई गई हैं। 

एडवाइजरी फर्म वेज-टू केपिटल की केस डायरी भी गायब

गायब हुई इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में से दो डायरियां चर्चित फर्जी एडवाइजरी फर्म (वेज-टू केपिटल) की हैं। एसीपी भूपेंद्रसिंह ने तत्कालीन टीआइ तहजीब काजी सहित 18 पुलिसकर्मियों पर हेराफेरी का शक जाहिर किया है। काजी फिलहाल संयोगितागंज थाना प्रभारी हैं और उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां हुई हैं।

टीआई ने भेजी टीआई की गोपनीय रिपोर्ट 

लसूड़िया थाना में 2017 से डायरियां गायब होने का सिलसिला शुरू हुआ। उस वक्त राजेंद्र सोनी टीआइ थे। सोनी फिलहाल बाणगंगा में पदस्थ हैं। इसके बाद इंद्रमणि पटेल व संतोष दूधी के कार्यकाल में डायरियां व चालान गायब हुए। वर्ष के अंत में लंबित अपराधों का निराकरण शुरू हुआ तो वर्तमान टीआइ दूधी ने छानबीन की। शुरुआत में 31 डायरियां गायब मिलीं। नौ डायरियां अफसरों ने जमा करवा दीं, जबकि 22 गायब हैं। इसी तरह निरीक्षक रवींद्र गुर्जर ने काजी के कार्यकाल में हुई गड़बड़ियां पकड़ीं। डीसीपी ने कहा पूर्व टीआइ की गड़बड़ी तो पकड़ी लेकिन आपके द्वारा डायरियां नहीं ढूंढी गईं।

इंदौर के इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर जिनके खिलाफ जांच

- निरीक्षक तहजीब काजी थाना विजयनगर
- निरीक्षक रवींद्रसिंह गुर्जर थाना विजयनगर
- एसआइ प्रियंका शर्मा थाना विजयनगर
- एचसीएम सुरेश चंद्र मेहता थाना विजयनगर
- एसआइ रवि पारिख थाना विजयनगर
- एसआइ प्रहलाद खंडाते थाना विजयनगर
- एसआइ निशा परमार थाना विजयनगर
- एसआइ केपी पाराशर थाना विजयनगर
- एसआइ दीपक विश्वकर्मा थाना विजयनगर
- एसआइ(सेवा.) वायएस रघुवंशी थाना विजयनगर
- एसआइ(सेवा.) आरएस चौहान थाना विजयनगर
- एसआइ(मृत) नवीन श्रीवास्तव थाना विजयनगर
- निरीक्षक सोमा मलिक थाना तिलकनगर
- निरीक्षक राजेंद्र सोनी थाना लसूड़िया
- निरीक्षक संतोष दूधी थाना लसूड़िया
- निरीक्षक इंद्रमणि पटेल थाना लसूड़िया
- एसआइ अनुराग लाल थाना लसूड़िया
- एसआइ देवेंद्र मरकाम थाना लसूड़िया
- एसआइ राजकुमार बड़ौदिया थाना लसूड़िया
- एसआइ अनिता गुर्जर थाना लसूड़िया
- एसआइ एमएल पंवार थाना लसूड़िया
- एसआइ महेंद्र उईके थाना लसूड़िया
- एसआइ हेमंत मिसौद थाना लसूड़िया
- एसआइ दीपक सराठी थाना लसूड़िया
- एसआइ नरसिंग यादव थाना लसूड़िया
- एसआइ अशोक शर्मा थाना लसूड़िया

कुछ खास मामले जिनकी केस डायरियां गायब

- अप.क्र.910/22 फरियादी जयशंकर शर्मा ने आरोपित हेमंत प्रजापति, लक्ष्मीकांत, स्वप्निल प्रजापति के खिलाफ केस दर्ज करवाया। इसकी डायरी विजयनगर थाने से गायब है।
- अप.क्र. 911/22 भी धोखाधड़ी का मामला है। इसमें फरियादी आशीष मेहता द्वारा शिकायत दर्ज करवाई थी। तत्कालीन टीआइ तहजीब काजी पर डायरी गायब करवाने का आरोप है।
- अप.क्र.76/17 की जांच लसूड़िया थाना के एएसआइ राजकुमार बड़ौदिया कर रहे थे। चालान भी कट गया, लेकिन कोर्ट में पेश होने के पूर्व गायब हो गया।
- अप.क्र.804/17 एसआइ अनिता गुर्जर द्वारा छेड़छाड़ की जांच कर रही थी। इसकी डायरी भी गायब है।
- अप.क्र.265/18 की जांच एमएल पंवार ने की और चालान भी स्वीकृत हो गया, लेकिन कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया।