GWALIOR वन विभाग के 4 भ्रष्ट कर्मचारियों को 3-3 साल की सजा- COURT NEWS TODAY

ग्वालियर। 
मध्य प्रदेश ग्वालियर वन विभाग में भ्रष्टाचार व वित्तीय अनियमितता करने वाले चार वन कर्मचारियों को विशेष न्यायाधीश आदित्य रावत ने 14-14 हजार रुपये के अर्थदंड सहित 3-3 साल की सजा सुनाई है। दोषियों ने 1996 में डबरा-भितरवार के वनक्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्य में अनियमितता की थी। दोषियों ने निर्माण कार्य कम कराया था, लेकिन भुगतान ज्यादा लिया था। इस पूरे घोटाले के लिए टीएन भारद्वाज वन क्षेत्रपाल, विनोद कुमार श्रीवास्तव वनसेवक, रमेश चन्द्र शर्मा वनपाल और राजेन्द्र शर्मा वनसेवक को घोटाले में दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।

वन मंडल वानकी परिक्षेत्र ग्वालियर में वर्ष 1996-97 में गड्डा खोदने, बाउंड्रीवाल बनाने, पेड़ लगाने जैसे विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे। इस कार्य को देख रहे अधिकारी व कर्मचारियों ने काम कम किया और फर्जी बिल वाउचर, फर्जी अंगूठे लगाकर पैसे निकाल लिए। 1997-98 में लोकायुक्त के पास शिकायत आई। जिसमें बताया कि वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने निर्माण कार्य करने में घोटला व गबन किया है। पद का दुरुपयोग भी किया है। 

नौ साल की जांच के बाद 2007 में विशेष स्थापना पुलिस लोकायुक्त ने FIR दर्ज की। 2014 में आठ लोगों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। आरोपितों पर धारा 120 बी, 420, 468, 471, धारा 13(1)घ,13(2) पीसी एक्ट के तहत आरोप लगाए गए। वर्ष 2014 से इस केस की ट्रायल चल रही थी। इस केस के दोषियों की सेवा पूरी हो चुकी है। मंगलवार को कोर्ट ने इस केस में फैसला सुनाया। आठ में से चार आरोपितों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक राखी सिंह ने की।