NIWARI कलेक्टर और GWALIOR के भाजपा नेता के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा मामला दर्ज - MP NEWS

भोपाल
। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं वर्तमान में निवाड़ी जिले के कलेक्टर श्री तरुण भटनागर एवं ग्वालियर के भारतीय जनता पार्टी के नेता राकेश जादौन (पूर्व साडा अध्यक्ष) के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने साडा की विकास योजना 2011 में विस्तार के लिए नियम विरुद्ध अनुमति दी एवं शराब की फैक्ट्री लगाने के लिए मास्टर प्लान बदल दिया। 

इस मामले की शिकायत जनवरी 2020 में हुई थी। प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन के बाद दर्ज की गई FIR में लिखा है कि, दस्तावेजों का अवलोकन करने से पाया गया कि तत्कालीन अध्यक्ष श्री राकेश जादौन, तत्कालीन सीईओ श्री तरूण भटनागर (आईएएस), भवन अधिकारी श्री आरएल मौर्य, एवं प्रभारी योजना अधिकारी श्री नवल सिंह राजपूत द्वारा विकास एवं भवन अनुज्ञा साडा विकास योजना 2011 के प्रस्तावित मानचित्र में दर्शित प्रस्तावित भूमि उपयोग के विरूद्ध जारी की गई। 

विकास अनुज्ञा जारी करने संबंधित नरती गुम हो जाने पर रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। गुम नस्ती के संबंध में थाना तिघरा जिला ग्वालियर में अपराध क्र. 44 / 2018 दिनांक 15.06.2018 दर्ज है तथा उक्त प्रकरण में एफ. आर. क्र. 10/2022 दिनांक 14.08.2020 को कता की गई है। इस संबंध में उनके द्वारा दिया गया आवेदन पत्र जो अहिवरन सिंह चौहान डाटा एन्ट्री ऑपरेटर साडा ग्वालियर द्वारा दिया गया आवेदन पत्र घटना के करीब एक वर्ष बाद थाने पर देना संदेहास्पद प्रतीत होता है। 

शराब फैक्ट्री मालिक रायऊ डिस्टलरी ने अपने फैक्ट्री के विस्तार और बड़े लोन एमाउण्ट के लिए साडा के मास्टर प्लान में छेड़छाड करवाई जिससे शासन को म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 के नियम 15 के उप नियम 13 एवं 14 के अनुसार गणना करने पर लगभग 1.07 करोड़ रु. की शासन को आर्थिक क्षति कारित हुई है एवं पुराने निर्माण का कम्पाउंडिंग शुल्क बचाने के लिए साड़ा के अधिकारियों जिसमें मुख्यतः तत्कालीन साड़ा अध्यक्ष श्री राकेश जादौन, तत्कालीन सीईओ साड़ा श्री तरूण भटनागर, उपयंत्री श्री नवल सिंह राजपूत, अधीक्षण यंत्री श्री आर.एल.एस. मौर्य एवं अन्य संबंधित अधिकारियों कर्मचारियो द्वारा अपने पद का दुरूपयोग कर शासन को करीब 1.07 करोड़ रु. की हानि हुई और उक्त सभी अधिकारी कर्मचारीगण भी लाभांवित हुये। 

संपूर्ण जांच से 
1- श्री राकेश जादौन, तत्कालीन अध्यक्ष विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ग्वालियर (साडा) हाल निवासी चेतकपुरी ग्वालियर म.प्र. 
2- श्री तरूण भटनागर, तत्कालीन सी.ई.ओ. ग्वालियर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ग्वालियर (साडा) हाल जिलाधीश जिला निवाडी (आई.ए.एस.) म.प्र. 
3- श्री आरएसएल मौर्य, तत्कालीन भवन अधिकारी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ग्वालियर म.प्र. (साडा) हाल अधीक्षण यंत्री जल प्रदाय विभाग नगर निगम ग्वालियर 
4- श्री नवल सिंह राजपूत तत्कालीन प्रभारी योजनाधिकारी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ग्वालियर म.प्र. (साडा) हाल उपयंत्री साडा ग्वालियर म.प्र. 
5- श्री अहिवरन सिंह चौहान डाटा एन्ट्री ऑपरेटर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ग्वालियर, 
6- श्री आदिल वापना पुत्र श्री दिलशाह वापना डायरेक्टर ग्वालियर एल्कोब्रियू प्रा. लि. (रायरू डिस्टलरी) ए.बी. रोड़ ग्वालियर निवासी लश्कर जिला ग्वालियर, 
7- श्री आत्माराम पराते पुत्र श्री जे. पराते डायरेक्टर ग्वालियर एल्कोब्रियू प्रा. लि. (रायरू डिस्टलरी) ए.बी. रोड़ ग्वालियर निवासी ग्वालियर निवासी ग्वालियर, 
8- श्री पी.व्ही. मुरलीधरन पुत्र स्व. श्री व्ही. व्ही. एस. नामबिसन जनरल मैनेजर/ संचालक / प्रबंध संचालक ग्वालियर एल्कोब्रियू प्रा. लि. (रायरू डिस्टलरी) ए.बी. रोड़ ग्वालियर एवं अन्य अधिकारीगण / कर्मचारीगण एवं ग्वालियर एल्कोब्रियू प्रा. लि. (रायरू डिस्टलरी) ग्वालियर के अन्य संचालक मण्डल के सदस्यों के द्वारा आपस में मिलकर एवं षडयंत्र कर साडा की विकास योजना 2011 के विपरीत जाकर ग्वालियर एल्कोब्रियू प्राईवेट लिमि. (रायऊ डिस्टलरी) को ग्राम पंचायत कुलैथ एवं ग्राम पंचायत पुरानी छावनी के अन्तर्गत आने वाले गांव जिनावली, मिलावली एवं निरावली की भूमियों पर नियम विरूद्ध जाकर औद्योगिक विकास एवं भवन अनुज्ञा प्रदाय कर शासन को 1.07 करोड़ रु. की आर्थिक क्षति कारित की और ग्वालियर एल्कोब्रियू प्राईवेट लिमि (रायऊ डिस्टलरी) के मालिकों एवं संचालक मण्डल के सदस्यों को आर्थिक लाभ पहुंचाया म.प्र. पंचायती राज्य ग्राम स्वराज्य अधिनियम 2013 का उल्लंघन किया। 

जो धारा 13 (1) डी सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 एवं भा.द.वि. की धारा 120बी का अपराध कारित किया जाना पाये जाने से उपरोक्त अधिकारी / कर्मचारीगण एवं ग्वालियर एल्कोब्रियू प्रा.लि. रायऊ डिस्टलरी ग्वालियर के मालिक एवं संचालक मण्डल के सदस्यों के विरुद्ध अपराध क्र. 221 / 2022 दर्ज किया जाकर विवेचना में लिया गया है।